Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

भारत का डंका साथ ले जाना भूले प्रधानमंत्री मोदी, वियतनाम के डंके को बजाकर काम चलाया

06, Sep 2016 By बगुला भगत

हांगझोऊ. न्यू इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने ख़ुलासा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परसों चीन में जो डंका बजाया था, वो भारत का डंका नहीं था। अख़बार का कहना है कि भारत का डंका काफ़ी दिन पहले कहीं गुम हो चुका है, जिसे पीएमओ ने देश की जनता से छुपाकर रखा।

Modi Danka
विदेश में ‘भारत का डंका’ बजाते प्रधानमंत्री मोदी

डंके के गुम होने का पता प्रधानमंत्री के वियतनाम दौरे पर उस समय चला, जब वहां उसे बजाने का टाइम आया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा- “जाओ डंका लेकर आयो!”, तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके कान में बताया कि “सर, डंके का कहीं पता नहीं चल रहा है। शायद प्लेन में रखने के टाइम पे कहीं मिसप्लेस हो गया।”

यह सुनते ही मोदी अधिकारियों पर बरस पड़े- “कल चीन जाना है, अब वहां क्या बजाऊंगा…घंटा?” इस पर एक अधिकारी ने कहा- “सर आपने उसे पिछले महीने केन्या में बजाया था। याद कीजिये उसके बाद आपने उसे कहां रखा था?”

“कहीं आपने तंज़ानिया में तो नहीं छोड़ दिया था सर?”- दूसरा अधिकारी बोला। यह सुनकर मोदी जी झल्लाते हुए बोले- “मैं तो बजाकर वहीं छोड़ देता हूं, बाद में उसे तुम लोग ही तो रखते हो।”

यह बहस चल ही रही थी कि तभी एक अधिकारी ने सुझाव दिया कि “सर, एक काम करते हैं! फिलहाल इन वियतनाम वालों के डंके को बजाकर काम चला लेते हैं। बाद की बाद में देखी जायेगी।” प्रधानमंत्री जी को यह आइडिया जम गया और उन्होंने वियतनाम वालों के डंके को ही भारत का बताकर बजा दिया।

जैसे ही वो बजाकर निपटे, तो उस अधिकारी ने फिर सुझाव दिया कि “सर, इसी डंके को दो दिन के लिये उधार मांग लेते हैं। चीन में बजाकर वापस लौटा देंगे। फिर दो महीने तक आपको किसी फॉरेन टूर पे नहीं जाना। तब अपने वाले को आराम से ढूंढ लेंगे।” इस तरह मोदी जी चीन दौरे पर वियतनाम वाले डंके को ले गये और जी-2 सम्मेलन में उसी को भारत का बताकर बजा दिया और देश की लाज रखी।

इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि डंके के ग़ायब होने की गाज़ विदेश मंत्रालय के कुछ अफ़सरों पर गिर सकती है क्योंकि डंके के रख-रखाव की ज़िम्मेदारी उन्हीं की होती है।



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