Saturday, 24th June, 2017
चलते चलते

करोड़ों की संपत्ति का हो गया शांतिपूर्वक बंटवारा, पर छुट्टे पैसों के लिए आपस में भिड़े दो भाई

02, Dec 2016 By Ritesh Sinha

मुंबई. छुट्टे की किल्लत ने एक और मासूम परिवार को अपना शिकार बना लिया है। सेठ हीरामल और सेठ तिलोकचंद, दो सगे भाईयों का नाम शहर के सबसे अमीर लोगों में गिना जाता है। इनका व्यापार देश ही नहीं, विदेश में भी काफी फैला हुआ है। पिछले दिनों दोनों भईयों में किसी बात को लेकर खटपट हो गई। इस खटपट के बाद बड़े भाई हीरामल ने अपने छोटे भाई तिलोकचंद से कहा कि “इससे पहले कि ये खटपट लड़ाई-झगड़े में तब्दील हो जाए, हमें बंटवारा कर लेना चाहिए।” छोटे भाई तिलोकचंद ने भी इस ऑफ़र को स्वीकार कर लिया और दोनों भाई अपने ज़मीन-जायदाद के कागजात लेकर जज के पास पहुँच गए।

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छुट्टे के लिये लड़ते तिलोकी और हीरामल

जज ने जमीन-जायदाद के कागजात को बड़े ध्यान से देखा और संपत्ति का बंटवारा करना शुरू कर दिया। फैक्ट्री, मकान, बैंक बैलेंस, शेयर्स, कार, बर्तन-भांडे सबका बंटवारा शांतिपूर्वक हो गया। दोनों भाईयों ने जज द्वारा किए गए बंटवारे को खुले मन से स्वीकार कर लिया। इस दौरान दोनों के बीच कोई बहस नहीं हुई। ये देखकर जज साहब ने दोनों भाईयों की जमकर तारीफ़ की।

जज ने कहा- “बिना लड़ाई-झगड़े के 10 मिनट में बंटवारा हो गया, तुम लोगों ने ज़रा भी तू-तू मैं-मैं नहीं की। तुम महान हो। बस! अब आखिर में कुछ छुट्टा कैश बचा है, उसका बंटवारा भी अभी कर लेते हैं। फिर तुम लोग आराम से घर जा सकते हो।” -कहते हुए जज ने सामने रखे कुछ छुट्टे पैसों को गिनना शुरू कर दिया। 100-100 के तेरह नोट थे। जज साब ने हीरालाल को 700 और तिलोकचंद को 600 रुपये पकड़ा दिए। सौ का एक नोट कम मिलने पर तिलोकचंद भड़क गया और उसने हीरामल को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों आपस में भिड़ गए। इस गुत्थम-गुत्था की चपेट में जज साब भी आ गए। इन दोनों का झगड़ा देखकर जज को गुस्सा आ गया और उन्होंने उन दोनों को धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।

कोर्ट के बाहर सेठ हीरामल ने फेकिंग न्यूज़ को बताया कि- “मुझे एक सौ का नोट ज्यादा मिल गया तो ‘तिलोकी’ को दर्द होना शुरू हो गया, मुझे तो पहले से ही पता था कि वो मुझसे नहीं, मेरे छुट्टे पैसों से प्यार करता है। आज ये साबित भी हो गया।”  तो वहीं सेठ तिलोकचंद ने गुस्से में कहा कि- “मैं उसको एक भी छुट्टा पैसा नहीं लेने दूंगा। अगर छुट्टों के बदले में वो मेरे हिस्से की ‘साबुन फैक्ट्री’ भी मांगता तो मैं दे देता, लेकिन…” -वो ये कह ही रहे थे कि तभी हीरामल ने पीछे से आकर फिर हमला बोल दिया और दोनों भाई फिर से भिड़ गए।



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