Saturday, 29th April, 2017
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संसद में राहुल बाबा ने मारे खर्राटे, पूरे उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के हल्के झटके

19, Dec 2016 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली: राहुल बाबा के अनुसार उनका संसद भवन में केवल बोलना भर भूकम्प लाने के लिए काफ़ी था, परंतु उनके खर्राटों में भी वही शक्ति है, ये बात किसी को ज्ञात नहीं थी। कल ज़ीरो ऑवर्स के दौरान जब राहुल बाबा अपने सेलफ़ोन पर डोरेमोन वाला गेम खेलते-खेलते थक गए तो उन्हें झपकी लग गयी। उस झपकी के दौरान उन्होंने हल्के से खर्राटे ले लिये।

Rahul Gandhi 4
लोकसभा में हादसे से थोड़ी देर पहले का दृश्य

बस फिर क्या था! उनके उन हल्के से खर्राटों से पूरी पार्लियामेंट हिल गयी। कांग्रेसी बेंच वाला तो पूरा सेक्शन ही दहल गया। ठीक उसी समय पूरे उत्तर भारत में भी भूकम्प के हल्के झटके महसूस किए गए। पूर्व फ्री-स्टाइल मुक्केबाज़ और जाने माने पत्रकार शांतिदीप जगहँसाई ने इस मामले में राहुल बाबा की जमकर तारीफ़ की।

अपने शो ‘देश जानना चाहता है’ में शांतिदीप बोले, “राहुल जी की शख्सियत में जो दम है, उनकी बातों में जो कशिश है, उनके हर अलफ़ाज़ में जो लहज़ा और बेबाक अंदाज़ है, वो किसी और नेता में नहीं। बिना सोचे जो वो बोल देते हैं, वो सच भी हो जाता है। और इस पूरे मामले में गौरमतलब बात ये है कि जैसे ही राहुल बाबा को खर्राटे आए तो सिंधिया जी, जो कि उस समय भाषण दे रहे थे, जानबूझ के और ऊंची ध्वनि में बोलने लगे ताकि राहुल बाबा के खर्राटों की आवाज़ सुनकर उन्हें कोई सोते हुए ना देख ले। उससे राहुल बाबा के खर्राटों की आवाज़ तो दब गयी परंतु उसकी शक्ति से जो कंपन पैदा हुआ, उसे कोई नहीं रोक पाया। इतनी कम उम्र में इतनी ज़ोरदार शक्ति का मालिक है ये युवा नेता। देश को उन पर गर्व होना चाहिए।”

राहुल बाबा के खर्राटों का भूकम्प के झटकों से क्या लेना-देना है, उस पर अभी कांग्रेसी वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं, परंतु भूगर्भ-शास्त्रियों के अनुसार राहुल बाबा की संसद की अटेंडेन्स अगर भविष्य में बढ़ी, तो देश के धरातल के भीतर की कई टेकटॉनिक परतें अपनी जगह से हिलने लगेंगी, जिससे ज़मीनी क्षेत्रों में भूकम्प और तटीय क्षेत्रों में सुनामी आने की आशंका और प्रबल हो सकती है।



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