Wednesday, 25th April, 2018

चलते चलते

कई दिन से हज़ारों-करोड़ों की बातें सुन रहे गांव के बुज़ुर्ग ने खोया मानसिक संतुलन

23, Feb 2018 By बगुला भगत

चतरा. आज़ादी के बाद भारत ने सबसे ज़्यादा तरक़्क़ी अगर किसी फ़ील्ड में की है तो वो है घोटलाों का फ़ील्ड! पहले जहाँ देश में सिर्फ़ दो-चार करोड़ के घोटाले होते थे, वहीं अब इतने बड़े होने लगे हैं कि लोगों से गिने भी नहीं जाते। हाल ही में हुए पीएनबी के 11 हज़ार करोड़ के घोटाले की वजह से कल झारखंड के एक बुज़ुर्ग की याद्दाश्त ही चली गयी।

Old Man Counting
अपने नोटों को बार-बार गिनते रामआसरे महतो

चतरा ज़िले के पुनपुनिया गाँव के रामभरोसे महतो ने जब से नीरव मोदी के 11 हज़ार करोड़ के घोटाले की ख़बर सुनी थी, तभी से वो ये हिसाब लगाने की कोशिश कर रहे थे कि इतने पैसे होते कितने हैं! बस, इसी गिनने-गिनाने के चक्कर में उनके दिमाग़ पे ज़्यादा लोड पड़ गया और उनकी याद्दाश्त चली गयी।

अस्पताल में रामआसरे के बेड के सिरहाने बैठे उनके बेटे रामभरोसे ने बताया कि “हमने कितना समझाया कि बापू मत गिनो…मत गिनो! लेकिन इन्होंने हमारी बात नहीं मानी और देखो अब क्या हाल कर लिया अपना!” कहकर वो सुबकने लगा।

“जिस दिन से सुना था, उसी दिन से उंगली पे दिन-रात हिसाब लगाते रहते थे। मानो कोई भूत सवार हो गया हो! इसी चक्कर में अपनी 500 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन निकालने बैंक भी नहीं गये।” -उसने रामभरोसे का सर दबाते हुए कहा।

“लेकिन आपके घर में तो टीवी भी नहीं है, फिर इन्हें घोटाले की ख़बर पता कैसे चली?” इसके जवाब में रामआसरे ने कहा, “‘मन की बात’ सुनने के लिए कुछ लोग प्रधान जी को रेडियो देकर गये थे, बस उसी पे इन्होंने ये ‘धन की बात’ सुन ली।” यह कहकर रामभरोसे मेडिकल स्टोर का बिल चुकाने के लिए जेब से निकालकर अपने पैसे गिनने लगा।



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