Wednesday, 22nd February, 2017
चलते चलते

कलर डिफरेंस न बता पाने वाले आदमियों का होगा मोतियाबिंद का ऑपरेशन

08, Aug 2016 By banneditqueen

मथुरा. कुछ ही दिन पहले ही यमुना नगर के राकेश शर्मा से एक राहगीर ने मिश्रा जी के मकान का पता पूछा। राकेश ने राहगीर को बताया कि अगली गली में पीला मकान मिश्रा जी का है। राहगीर कई घंटों तक घूमने के बाद वापस राकेश के पास आकर बोला कि पीले रंग का एक भी मकान नहीं है। तभी राकेश की पत्नी बाहर आकर बोली कि “पीला नहीं हरे रंग का मकान है”। राहगीर के जाते ही राकेश ने अपनी पत्नी से कहा ”पीला हरा सब एक ही तो है”।

 इतने सारे रंगों को याद करने से बेहतर है अाॅपरेशन कराना
इतने सारे रंगों को याद करने से बेहतर है अाॅपरेशन कराना

ये सुनके राकेश की पत्नी परेशान हो गई, उसे लगा कि राकेश को शायद रंगों मे अंतर करने में परेशानी होती है| ऐसा ही किस्सा उनकी पड़ोसन शांति का भी है। शांति ने राकेश की पत्नी को बताया कि ” ये तो हर कलर को नारंगी, सफेद या काला ही बोलते है, बोलेंगे वो नारंगी वाली शर्ट निकाल दो जबकि इनके पास नारंगी रंग का एक भी कपड़ा नहीं है”। ऐसी कई और महिलाओं का दुखड़ा सुनने के बाद शांति और बाकी महिलाओं ने फैसला किया कि सभी आदमियों की आँखों का इलाज करवाया जाएगा।

कॉलोनी की महिला संगठन की अध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी ने फेकिंग न्यूज़ को बताया कि ” सभी महिलाओं की आम सहमति से यह फैसला लिया गया है कि सभी आदमियों की आँखो का मोतिया बिंद का ऑपरेशन होगा”। इस जबर्दस्ती का विरोध करने के लिये अब पुरुष संगठन आगे आ रहे हैं। विरोध करने वाले पुरूषों के लिये महिला संगठन ने रविवार के दिन एक परीक्षा का आयोजन किया है जिसमें पुरुषों को पेपर में दिये रंगों को देखकर उनका नाम लिखना होगा। लेकिन जैसे ही पुरुषों को पता चला की तकरीबन 10,000,000 रंग है वैसे ही उन्होंने ऑपरेशन कराने के लिये हामी भर दी।



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