Wednesday, 25th April, 2018

चलते चलते

बचे हुए खाने को माँ ने नहीं किया रिसाइकल, पिता और बेटा दोनों हैरान

27, Mar 2018 By banneditqueen

भोपाल. जहाँ तक जुगाड़ की बात आती है वहाँ भारतीयों का कोई जवाब नहीं। और जहाँ तक बचे हुए खाने को रीसाइकल करने की बात आती है तो भारतीय महिलाओं का कोई जवाब नहीं। ऐसा कोई पकवान नहीं है जो भारतीय महिलाऐं बचे हुए खाने से न बना सकें। तीन दिन पुरानी दाल हो या एक दिन पुराना चावल या बची हुई रोटी, दाल का पराठा, चावल के पकौड़े और रोटी का चूरमा अगले ही दिन आपकी थाली में होगा।

cutletशशांक वर्मा की माँ भी इस काम में माहिर थी, अगर खाने में कोई भी व्यंजन ख़तम नहीं हुआ तो अगले दिन ही उसी व्यंजन से एक नया पकवान बना दिया जाता। पर कल कुछ ऐसा हुआ कि शशांक और उसके पिता दोनों हैरान रह गए। दरअसल एक रात पहले जब शशांक की माँ ने चावल बनाया तो उस चावल में काफी सारा चावल बच गया। शशांक और उसके पिता दोनों को उम्मीद थी कि आज सवेरे तो चावल के पकौड़े ही नाश्ते में मिलेंगे। पर नाश्ते में आलू के पराठे बने थे, यह देखते ही दोनों बाप बेटे हैरान रह गए।

शशांक ने माँ से पूछा कि ”आज आलू के पराठे कैसे बन रहे हैं? मुझे तो लगा था कि कल चावल बच गया था तो आज चावल के पकौड़े बनेंगे।” इस पर शशांक की माँ ने कहा ”ज़्यादा खुश मत हो ये आलू के पराठे भी कल बची हुए सब्ज़ी के हैं और चावल के पकौड़े मैं शाम को बनाउंगी आज मेरी कुछ सहेलियां घर पर आएंगी।” यह सुनकर दोनों बाप बेटे चुपचाप आलू के पराठे खाने लग गए।



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