Tuesday, 12th December, 2017

चलते चलते

खिचड़ी को राष्ट्रीय भोजन बनाने पर भड़के मैगी खाने वाले इंजीनियरिंग स्टूडेंट, करेंगे आंदोलन

02, Nov 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. कल इस बात की अफवाह फैली कि केंद्र सरकार खिचड़ी को राष्ट्रीय व्यंजन बनाने जा रही है, लेकिन इससे पहले की इस खबर पर सरकार की तरफ से कोई बयान आता, पोहा और मैगी खाकर गुजारा करने वाले इंजीनियर्स भड़क गए । उनका कहना है कि यह निर्णय लेने से पहले उनकी भावनाओं का ख्याल नहीं रखा गया है। ऐसा क्या है खिचड़ी में जो मैगी या पोहे में नहीं है, यह सरासर अन्याय है। उन्होंने केंद्र सरकार को धमकी दी है कि इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए, वरना हम उग्र आंदोलन करेंगे।

हम मैगी भी खिचड़ी जैसे खाते हैं- इंजीनियर्स
हम मैगी भी खिचड़ी जैसे खाते हैं- इंजीनियर्स

इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष भावेश गौतम ने बताया कि, “देखिए! जब से हमने यह खबर सुनी है, हमारा खून गरम पानी की तरह उबल रहा है! इस सरकार की हिम्मत कैसे हुई खिचड़ी को बीच में लाने की, पोहा और मैगी की बराबरी कोई नहीं कर सकता! इसलिए हमें ये फैसला मंजूर नहीं है! ये फैसला इन्हें वापस लेना ही पड़ेगा, वरना रेल पटरी उखाड़ना हमें भी आता है!” -भावेश ने बाजू चढ़ाते हुए कहा।

अब इस आंदोलन में शामिल होने के लिए देश भर के इंजीनियर दिल्ली में जमा होना शुरू हो गए हैं। जिनके पास दिल्ली जाने के पैसे नहीं हैं, उन्होंने नज़दीक के बैंक में “लोन” के लिए अप्लाई कर दिया है। दिल्ली पहुंचकर वे पोहा और मैगी को राष्ट्रीय व्यंजन बनाने के लिए रैली निकालेंगे। अगर फिर भी सरकार नहीं मानी, तो “बाहुबल” का प्रयोग किया जाएगा।

उधर नीतिन गडकरी, समोसा को राष्ट्रीय भोजन बनवाने के लिए प्रयास में जुट गए हैं, उन्हें इस महान काम में राजीव शुक्ला का समर्थन प्राप्त है। दिल्ली के मुख्यमंत्री “रायता” के लिए जोर लगा रहे हैं, उन्हें भी मनीष सिसोदिया का समर्थन प्राप्त है। नीतीश कुमार लिट्टी-चोखा से कम में मानने वाले नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, माना जा रहा है कि फैसला लेने से पहले “पीडी” की राय जरूर ली जाएगी।



ऐसी अन्य ख़बरें