Saturday, 29th April, 2017
चलते चलते

खट्टर ने 'गुरुग्राम' का नाम बदलकर 'गुरुविलेज' किया, 20 घंटे का जाम चुटकियों में खुला

29, Jul 2016 By बगुला भगत

गुरुग्राम. अगर कोई मुख्यमंत्री अपनी जनता का भला करने पर उतर आये तो फिर उसे भगवान भी नहीं रोक सकता। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी ज़िद के पक्के हैं और भगवान के रोके से भी नहीं रुकते। कल रात जब गुरुग्राम (प्राचीन नाम- गुड़गांव) में जाम में फंसे लोगों का मन खट्टा हो रहा था, तभी उन्हें मुख्यमंत्री खट्टर का ट्वीट आया- “टेंशन की कोई बात नहीं है, मैं अभी गुरुग्राम का नाम बदल रहा हूं।”

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ट्विटर पर गुरुग्राम के नये नाम का एलान करते खट्टर

लोग अपनी गाड़ियों में सांस थामे इंतज़ार करने लगे। थोड़ी देर में खट्टर का दूसरा ट्वीट आया- “हरियाणा के सभी नागरिकों को बधाई! नाम बदल दिया गया है। दो मिनट में जाम खुल जायेगा।”  लेकिन आधा घंटा हो गया और जाम नहीं खुला तो परेशान लोग चिल्लाने लगे और ट्वीट करने लगे- “जाम तो अब भी नहीं खुला सीएम साब! क्या नाम रक्खा था आपने?”

पांच मिनट बाद सीएम साब का अगला ट्वीट आया- “ऐसा कैसे हो सकता है? नाम तो काफ़ी अच्छा है- गुरुविलेज! एक मिनट रुको, मैं चेक करके बताता हूं क्या प्रॉब्लम है।” चेक करने पर उन्हें पता चला कि नाम बदलने वाले ऑर्डर की कॉपी डीएम के ऑफ़िस में नहीं पहुंची थी, इसलिये जाम जस का तस था।

उन्होंने चौथा ट्वीट किया- “सॉरी! नाम सिर्फ़ ट्वीटर पे चेंज हुआ था, ऑफिशयली चेंज नहीं हो पाया था। डीएम को ऑर्डर की कॉपी रिसीव करा रहा हूं। अब खुल जायेगा।”

और चमत्कार देखिये! उधर डीएम ने ऑर्डर की कॉपी रिसीव की और इधर जाम खुलने लगा। जो गाड़ियां 12 घंटे से फंसी खड़ी थीं, वे 5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से फ़र्राटा भरने लगीं। लोग हॉर्न बजा-बजाकर अपनी ख़ुशी का इज़हार करने लगे।

जाम खुलने के उपलक्ष्य में हरियाणा में एक सप्ताह रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। यह एलान करते हुए खट्टर ने कहा कि “अगर ये अभी तक गुड़गांव ही रहता तो यहां 20 नहीं 50 घंटे का जाम लगता। हमारी मेहनत से जनता के 30 घंटे बच गये। यानि मिनिमम गुरुग्राम, मैक्सिमम गुरुविलेज!”

अब दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री भी खट्टर के इस ‘गुरुग्राम मॉडल’ की नकल पर अपने जाम वाले शहरों के नाम बदल रहे हैं और जनता का भला कर रहे हैं।



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