Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

"गीता पे हाथ रख के कहता हूँ कि हमने गीता का घोटाला नहीं किया"- खट्टर

10, Jan 2018 By बगुला भगत

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भगवद् गीता खरीदने में किसी भी तरह का घोटाले होने से साफ़-साफ़ इनकार कर दिया है। खट्टर ने कहा कि “मैं गीता पे हाथ रख के कहता हूँ कि मैंने गीता की ख़रीदारी में कोई घोटाला नहीं किया।” हालांकि जब वो ये बात कह रहे थे, उस समय उनके हाथ में गीता की जगह आईफ़ोन-8 था। वैसे, कल एक आरटीआई में पता चला था कि हरियाणा सरकार ने 10 गीता खरीदने में लगभग 4 लाख रुपये ख़र्च कर दिये।

Khattar-Gita
मीडिया के सामने क़सम खाते खट्टर साब

इधर, खट्टर साब ने क़सम खायी और उधर केंद्र सरकार ने उन्हें सम्मानित करने का फ़ैसला कर लिया। यह सम्मान उन्हें गीता की ‘वैल्यू’ बढ़ाने के लिये दिया जायेगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा उछलते हुए मीडिया के सामने आये और बोले, “ऐसे सात्विक और संस्कारी आदमी पर इल्ज़ाम लगाते हुए लोगों को शर्म नहीं आई! अरे, खट्टर साब ने तो गीता का मान बढ़ाया है मान!”

इस पर एक रिपोर्टर बोला, “शर्मा जी, 38 हज़ार रुपये में एक गीता ख़रीदने से गीता का मान कैसे बढ़ गया?” यह सुनकर मंत्री जी ने उस रिपोर्टर को घूरकर देखा और फिर उससे पूछा, “ये बताओ कि दुनिया में हर अच्छी चीज़ महँगी होती है कि नहीं? बताओ…बताओ!”

“जी…होती है!” -रिपोर्टर ने हकलाते हुए जवाब दिया। “तो क्या गीता जैसी अच्छी और महान पुस्तक सौ-पचास रुपल्ली में मिलनी चाहिये क्या? बोलो!” -मंत्री जी का ये लॉजिक सुनकर रिपोर्टर की बोलती बंद हो गयी। उसने फल की चिंता करते हुए चुपचाप गर्दन हिला दी।

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि केंद्र सरकार भी खट्टर को ईनाम में देने के लिये कोई धार्मिक पुस्तक ही खरीदने वाली है, जिसे मार्केट रेट से कई गुना दामों पर ख़रीदा जायेगा ताकि खट्टर साब को ये ना लगे कि सेंटर ने उन्हें सस्ता ईनाम देकर टरका दिया।



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