Sunday, 22nd April, 2018

चलते चलते

'I am Sorry' एप लॉंच करेंगे अरविंद केजरीवाल, क्लिक करते ही मिलेगी माफ़ी

22, Mar 2018 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. अगर आप केजरीवाल सपोर्टर हैं तो आपके लिए एक ख़ुशख़बरी है। जी नहीं, मोदी जी इस्तीफ़ा नहीं दे रहे हैं बल्कि हम तो बात कर रहे हैं केजरीवाल जी के नये एप की, जिसका नाम है- आई एम सॉरी एप! जी हाँ! अपने ट्विटर हैंडल पर यह ख़ुलासा करते हुए कहा है कि “हम अगले महीने एक एप निकालने जा रहे हैं जिस से मेरे समर्थकों और विरोधियों दोनों का काम आसान हो जाएगा। और उस एप का नाम है आई एम सॉरी एप!”

kejriwal-sorry app
“बस एक क्लिक करते ही माफ़ी मिल जाएगी जी!”

इस बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, “देखो जी, मुझ पर तीस से भी ज़्यादा मानहानि के केस लद चुके हैं। जिसमें से मैंने तीन में माफ़ी माँग ली है। मगर इतना काफ़ी नहीं है। अभी मुझे कई और लोगों से माफ़ी माँगनी है और इतने पेज और पेन मैं बर्बाद नहीं होने दूँगा। इसलिए मैंने यह एप निकाली है। जिस से आप जिस किसी से जब चाहें उसका नम्बर डाल कर माफ़ी माँग सकते हैं। इस एप का नाम मैंने ‘I Am Sorry’ रखा है और यह अगले महीने लॉंच होने वाली है। इस से मेरा समय बचेगा जिसमें मैं लोगो से चंदा माँग कर चुनाव लड़ सकता हूँ!”

जहाँ एक तरफ़ भाजपा समर्थक इसका मज़ाक़ बना रहे हैं तो वहीं आप सपोर्टर इसे मास्टर स्ट्रोक बता रहे है। एक आप सपोर्टर ने कहा, “मानहानि के केस – 30, काग़ज़ पर माँगी गयी माफ़ी – 3, कुल काग़ज़ बचे – 27। क्योंकि ये है ईमानदार सरकार!”

हालाँकि इस एप का कुछ और लोग भी इंतज़ार कर रहे है। जिनमें सबसे आगे हैं भारतीय मर्द, जिन्हें बात-बात पर अपनी पत्नियों से माफ़ी माँगनी पड़ती है। उनका कहना है कि “अगर ऐसा एप मिल जाए तो हम साल भर की माफ़ी एक साथ ही ड्राफ़्ट करके रख लेंगे।”

बताया जा रहा है कि इस एप में एक ऐसा फ़ीचर भी होगा कि अगर उसका माफ़ी वाला लिंक काम ना कर रहा हो और आपको उसकी वजह से ग़ुस्सा आ जाए तो आप आम आदमी पार्टी को चंदा देकर अपना ग़ुस्सा निकाल सकते हैंं।

ख़ैर, ग़ुस्से से याद आया कि केजरीवाल के समर्थकों में उनके ख़िलाफ़ ग़ुस्सा बहुत है। उन्हें दुःख है कि जिन्हें एक समय केजरीवाल जेल में भेजने की धमकी दिया करते थे, आज उन्हीं के सामने गिड़गिड़ा कर माफ़ियाँ माँग रहे हैं। अब देखना ये होगा कि पहले क्या ख़त्म होता है केजरीवाल जी की माफ़ी का दौर या आप समर्थकों का उनपर विश्वास!



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