Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

करणी सेना को आया उत्तराखंड से बुलावा,कहा ''लकड़ी कोयला सब इकठ्ठा कर के रखा है,आकर जला दें''

25, Jan 2018 By banneditqueen

उत्तराखंड. कड़कड़ाती ठण्ड में एक आम इंसान को कुल्हड़ में चाय, शॉल और जलता हुआ अलाव चाहिए जिसमें आलू और शकरकंद भुने जा रहे हों। बस शाम हुई नहीं कि लकड़ियां और कोयला इकठ्ठा कर अलाव जला दिया। हालांकि उसमे एक दिक्कत यह भी होती है कि अगले हिस्से को गर्माहट मिलती है पर पिछले हिस्से को नहीं। कमरे के अंदर एयर कंडीशनिंग चौतरफा होती है परन्तु यह सिद्धांत अलाव या सिगड़ी के मामले में नहीं लगाया जा सकता अन्यथा कुछ ही देर में अग्निशमन विभाग को कॉल करना पड़ सकता है।

738847265-coldwave1_6 (1)कड़कड़ाती ठण्ड और बर्फ़बारी ने भारत के उत्तर पूर्वी इलाकों में दस्तक दे दी है। उत्तराखंड में भरी बर्फ़बारी के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ऐसे में टीवी पर करणी सेना को गाड़ियों को आग लगाते देख उत्तराखंड वासियों को दुःख और ईर्ष्या साथ में हो रही थी। दुःख का कारण तो समझ ही गए होंगे पर ईर्ष्या का कारण यह है कि बर्फ़बारी के चलते लकड़ियां गीली हो गई हैं लोगों को ठण्ड से राहत नहीं मिल रही है। कई लोगों को इतनी ठण्ड लग रही है कि अलाव जलाने के लिए ठण्ड में बाहर कदम नहीं रखना चाह रहे हैं।

ऐसे में एक उत्तरखंड वासी ने मांग की है कि ”देखिये साहब करणी सेना को जितनी आग लगानी है उत्तराखंड की सर्दियों में आकर लगाए। हम लोग बाहर लकड़ी, कोयला, मिटटी का तेल सब चीज़ का इंतज़ाम कर के रख देंगे। और कुछ घंटो के अंतराल पर घूमर गाना चला देंगे, उन्हें इस पर जैसे ही गुस्सा आए तो वो लोग सामने रखे किसी भी लकड़ी के ढेर में आग जला दें, ऐसे में वो भी खुश और हम भी।”



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