Saturday, 24th June, 2017
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मणिपुर चुनाव के बारे में चर्चा करते धरे गए चार पत्रकार, जमानत मिलने की भी सम्भावना कम

13, Jan 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई की वजह से आज बड़ा हादसा होने से टल गया। पुलिस ने सूचना मिलते ही दक्षिण दिल्ली के एक कॉफी कैफे में दबिश देकर चार पत्रकारों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इन पत्रकारों पर आरोप है कि ये उत्तर प्रदेश या पंजाब चुनाव की चर्चा करने के बजाय किसी “मणिपुर” नामक जगह के बारे में चर्चा कर रहे थे। तभी एक युवक ने इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी। सूचना मिलने के बीस मिनट बाद ही दिल्ली पुलिस इस कैफे में पहुँच गई और उन्होंने सभी पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस को सुचना देने वाले दक्षिण दिल्ली के युवक प्रांजल योगी ने बताया कि- “मैं चुपचाप बैठकर अपनी कॉफी के मज़े ले रहा था। तभी मेरी कान में थोड़ी खुजली हो गई और मुझे कान खुजाने के लिए अपना ईयरफोन कान से निकालना पड़ा। इसी दौरान मैंने सुना कि मेरे बगल वाली टेबल पर बैठे कुछ लोग किसी “मणिपुर” नामक जगह के बारे में चर्चा कर रहे हैं। मुझे उन पर शक हुआ की कहीं ये जासूस तो नहीं हैं, क्योंकि इससे पहले इस जगह का नाम मैंने दिल्ली में नहीं सुना था। मैं एकदम कान लगाकर उनकी बातें सुनने लगा। फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने दिल्ली पुलिस को ट्वीट कर दिया।”-कहते हुए प्रांजल ने फिर से ईयरपीस अपने कान में ठूंस लिया।

जेल में बंद पत्रकार
जेल में बंद पत्रकार

प्रांजल के ट्वीट करते ही दिल्ली पुलिस तुरंत इस कैफे में पहुँच गई और उन्होंने इन चारों पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार होने पर इन पत्रकारों ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश भी की। उनमे से एक पत्रकार ने दावा किया कि- “यूपी और पंजाब के साथ-साथ मणिपुर में भी चुनाव हो रहे हैं,हम तो बस उसी की चर्चा कर रहे थे। इसमें गलत क्या है।” लेकिन पुलिस उनके जाल में नहीं फँसी और उन्हें पकड़कर थाने ले गई। पुलिस ने इनके पास से अख़बारों के कतरन भी बरामद किए हैं जिसमे “मणिपुर” लिखा हुआ है। आरोप है कि इनमे से एक पत्रकार मणिपुर के बारे में आर्टिकल लिखने की तैयारी कर रहा था जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। उधर, कुछ देर बाद इन पत्रकारों के रिश्तेदारों ने थाने पहुंचकर जमानत की अर्जी डाल दी। लेकिन थाना प्रभारी दिलावर सिंह जी ने जमानत देने से साफ़ इंकार कर दिया।

पुरस्कार प्राप्त दिल्ली के बड़े पत्रकारों ने भी पुलिस के इस कदम का समर्थन किया है। एक बड़े पत्रकार ने खीझते हुए कहा कि-“मणिपुर के बारे में बात करना हमारा काम नहीं है। हमें सिर्फ यूपी और पंजाब में फोकास करना चाहिए। अरे यूपी और पंजाब में क्या कमी रह गई थी जो ससुरे उधर चले गए झंडा गाड़ने। मत दो जमानत, सड़ने दो जेल में।”



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