Saturday, 25th March, 2017
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डीयू बनाएगा प्रदर्शनकारियों के लिए अलग से कॉलेज, मिलेगी एंटी नेश्नलिज़़्म की डिग्री

26, Feb 2017 By banneditqueen

दिल्ली. पिछले वर्ष तक जेएनयू और इस वर्ष रामजस कॉलेज। आज़ादी माँगने वाले 30-40 वर्षीय छात्रों को लगता है कश्मीर के लिये नी सही पर अटेंडेंस और पढ़ाई लिखाई से आज़ादी मिल चुकी है। दो तीन दिन पहले एबीवीपी द्वारा रामजस कॉलेज में की गई गुंडागर्दी के बाद से डीयू एडमिनिस्ट्रेशन ने ऐलान किया है कि वह अब ऐसे प्रदशनकारियों के लिये अलग से कैम्पस बनाएगा।

कन्हैया से मिलेगी आज़ादी
कन्हैया से मिलेगी आज़ादी

डीयू की तरफ से दिये गए बयान में कहा गया है कि “हर वर्ष होने वाले इन प्रदर्शन और दंगेबाज़ी से जो छात्र पढ़ने लिखने आते हैं उन्हें तकलीफ होती है। इसीलिये अब चाहे जे एन यू हो या रामजस जो छात्र नेतागिरी करने में इंट्रेस्टेड हैं उन्हें इस नए कैम्पस में एडमिशन दिया जाएगा।” बताया जाता है कि एडमिशन्स के समय ही छात्रों से एक फॉर्म भरवाया जाएगा जिसमें वे अपनी स्पेशलाइज़ेशन बता सकते हैं। छात्रों को ये बताना होगा कि वे वीडियो डॉक्टर कर सकते हैं या जमकर नारे लगा सकते हैं या खुद की गलती छुपा कर दूसरों पर इल्ज़ाम लगा सकते हैं।

यही नहीं छात्रों को नारे लगाने की ट्रेेनिंग भी दी जाएगी। जो जितने ज्यादा देश विरोधी नारे लगाएगा उसे उतने ज्यादा मार्क्स मिलेंगे। साल के अंत में सारी गतिविधियों के हिसाब से “एंटी नैश्नल ऑफ द ईयर” चुना जाएगा। कैम्पस में वाई फाई और प्रदर्शन करने के लिये लकड़ी वाले गत्तों की 24 घंटे सप्लाई होगी। जो छात्र पिछले कई सालों से जेएनयू में मुफ्त का खाना खा खा कर अपनी आधी ज़िंदगी यहीं गुज़़ार चुके हैं उन्हें इस कैम्पस में कुछ स्पेशल प्रिविलेज दी जाएँगी।



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