Thursday, 21st September, 2017

चलते चलते

नोटबंदी पर अभी भी लाखों जोक्स बन सकते हैं, अरुण जेटली ने देशवासियों को भरोसा दिलाया

23, Dec 2016 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से नोटबंदी पर बनने वाले जोक्स की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। लग रहा है कि जोक बनाने वाले भी इस मुद्दे पर जोक बना-बनाकर पक चुके हैं। RBI के गवर्नर से लेकर ATM के गार्ड तक लोगों ने सब पर हाथ साफ़ कर लिया है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से लोग काफ़ी उदासीन नज़र आ रहे हैं। इस वजह से वित्त मंत्री अरुण जेटली काफ़ी परेशान हो गये हैं। उन्होंने जोक्स बनाने वालों से हिम्मत नहीं हारने की अपील की है।

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जोक पढ़कर अपनी हंसी दबाते हुए जेटली जी

एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अरुण जेटली ने देशवासियों से संयम रखने की अपील करते हुए कहा कि- “मैं देख रहा हूं कि लोगों की दिलचस्पी हम पर जोक बनाने में कम हो रही है। लेकिन टेंशन की कोई बात नहीं है! यक़ीन मानिये, आप अभी भी हम पर लाखों जोक्स बना सकते हैं। इसके लिये अब हम हर घंटे के बजाय हर दस मिनट में अपने नियम बदलेंगे ताकि आप लोग आराम से नए-नए जोक्स क्रैक कर सकें।” -यह कहकर जेटली जी व्हॉट्सएप पर आया फ्रेश जोक पढने में मशगूल हो गए।

जोक पढ़कर उनकी ज़ोर से हंसी छूट गयी, फिर उस हंसी को दबाते हुए बोले “आप अगले 5 साल तक भी ऐसे जोक्स बनाते रह सकते हैं, उसका मसाला हम आपको बराबर देते रहेंगे।”

इसके बाद उन्होंने जोक-मेकर्स को प्रोत्साहित करने के लिये एक नई योजना ‘अटल विमुद्रीकरण विदूषक योजना’ का भी एलान किया। इस योजना के तहत ट्विटर पर सबसे टनाटन जोक पेलने वाले दस लोगों को एक-एक लाख रुपये का ईनाम दिया जाएगा। हालाँकि वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनाम की राशि सौ-सौ के नोट में दी जाएगी या फिर दो हज़ार के नोटों में!

लेकिन इस एलान के बाद भी लोग ठंडे पड़े हुए हैं। अब तक नोटबंदी पर लगभग 250 जोक्स पेल चुके मंगेश नाम के युवक ने बताया कि- “शुरू-शुरू में तो मैंने भी जमकर मज़ा लिया लेकिन जब ATM की लाइन में दो दिन खड़ा रहा तो मेरी सारी जोकगीरी हवा हो गई। अब तो मैंने फॉरवर्ड करना भी छोड़ दिया। भाड़ में जाये ये जे@#$!”



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