Saturday, 21st October, 2017

चलते चलते

आईपीएल होगा बंद, लोगों के मनोरंजन के लिए हर साल गर्मियों में अब चुनाव कराये जाएंगे

07, Mar 2017 By कपट मुनि

नयी दिल्ली. भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने अचानक इंडियन प्रीमियर लीग यानि आई.पी.एल. को बंद करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फ़ैसले से राजनीतिक गलियारों से लेकर खेल जगत तक तूफ़ान मच गया है। खेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने आज सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि “आईपीएल के कारण देश की जनता दो महीनों के लिए सारे काम-धाम छोड़कर क्रिकेट में खो जाती है। यहां तक लोग पॉलिटिक्स में भी कम दिलचस्पी लेते हैं, जो लोकतंत्र के लिए बहुत घातक है।”

IPL से ज्यादा भीड़ तो चुनावी रैलियों में होती है
IPL से ज्यादा भीड़ तो चुनावी रैलियों में होती है

प्रवक्ता ने आगे बताया कि “आईपीएल के दौरान लोग न्यूज़ चैनलों की जगह खेल वाले चैनल देखना शुरु कर देते हैं, जिससे उनकी जनरल नॉलेज ख़त्म हो जाती है और बोड़मपना बढ़ने लगता है। आईपीएल के दौरान ना तो कोई नेताओं के भाषण सुनता और ना ही उनके नारे और जयकारे लगता। यहां तक कि वे ट्रोल में भी सहयोग नहीं करते, जिससे देश में नेताओं के प्रति असहिष्णुता फैलती है। इसी वजह से हमने इस आईपीएल को बंद करने का निर्णय लिया है।”

“सरकार के इस फैसले पर क्रॉस क्वेश्चन करते हुए हमारे संवाददाता ने पूछा कि “अगर गर्मियों में आईपीएल नहीं होंगे तो फिर लोग अपनी छुट्टियों में क्या घुईयाँ छील कर इंजॉय करेंगे?” इस पर जवाब देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि “ऐसी बात नहीं है! सरकार को लोगों के मनोरंजन की परवाह है और इसके लिए वो हर साल गर्मियों में किसी ना किसी प्रदेश में लगभग 20 चरणों में चुनाव कराएगी।”

“प्रयोग के तौर पर यूपी में सात चरणों में चुनाव कराये जा रहे हैं, जिसे जनता काफ़ी इंजॉय कर रही है। इसलिए अब से क्रिकेट के स्टेडियमों में चुनावी रैलियां होंगी। तथा पार्टियों के लिए ये क़ानून बनाया जाएगा कि वे रैलियों में ऊल-जलूल बातें करके जनता का मनोरंजन करें। साथ ही श्रोताओं के लिए चाय-समोसे की व्यवस्था के बिना रैली करने की इजाजत नहीं होगी।” -यह कहकर प्रवक्ता उठ गये।

उधर, सरकार की इस घोषणा के बाद नवजोत सिंह सिद्दू सहित कई पुराने और नये क्रिकेट खिलाडियों ने क्रिकेट को अलविदा कह स्टेडियम के बाहर चाय-समोसों की रेहड़ी लगा ली है।



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