Wednesday, 13th December, 2017

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'जियो' सिम न मिलने से ख़फ़ा थे हुर्रियत नेता, इसलिये नहीं की प्रतिनिधि मंडल से मुलाकातः सूत्र

09, Sep 2016 By चीखता सन्नाटा

नई दिल्ली. कश्मीर दौरे पर गये सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से हुर्रियत के नेताओं ने मिलने से क्यों इनकार कर दिया था, दो दिन बाद आज इसका खुलासा हो गया। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि हुर्रियत के नेताओं की नाराज़गी की वजह ‘जियो’ सिम था। हमारे युवा संवाददाता ‘चीखता सन्नाटा’ ने अपनी जान पर खेलकर हुर्रियत की नाराजगी की इस असल वजह का पता लगाया है।

Hurriyat
“या अल्लाह, हमें भी जियो दिला दे”

प्रतिनिधिमंडल के कश्मीर पहुंचते ही हुर्रियत के नेताओं ने कश्मीर समस्या का स्थायी हल ढूँढने के लिए लगभग 15 मुफ्त ‘जियो’ सिम की मांग रख दी। अचानक हुई इस मांग से प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सन्न रह गये। वे ख़ुद अपने लिये जियो सिम का जुगाड़ नहीं कर पा रहे थे, इसलिये उन्होंने इस मांग को मानने से साफ़ इनकार कर दिया। बस, हुर्रियत के नेताओं को प्रतिनिधिमंडल का यही अड़ियल रवैया गवारा नहीं हुआ और उन्होंने बातचीत का बहिष्कार कर दिया।

“हिन्दुस्तान को समझना चाहिए कि रोज पाकिस्तानी सरकार से फोन करने पर बात करने का बिल हम गरीब कश्मीरी कैसे चुकाएंगे?” हुर्रियत के बूढ़े मियां लजीज चिकन की बोटी काटते हुए बोले, “सरकार को अगर कश्मीर की चिंता होती तो वो बातचीत के लिए दरवाजे और खिड़की खोलने के बजाय ‘जियो’ सिम का काउंटर खोलती। इससे घाटी में बातचीत का माहौल बनाने में मदद मिलती।”

इस घटना के तुरन्त बाद सेना की इंटेलिजेंस विंग ने इस बात की पुष्टि की कि हुर्रियत के नेताओ पर ‘जियो’ सिम को लेकर सीमा पार से लगातार प्रेशर पड़ रहा था। पाक सेना के रिटायर्ड अधिकारियों और हुर्रियत नेताओं के बीच बातचीत टेप करने पर सेना को राजस्थान-पाक सीमा के रास्ते भारी मात्रा में ‘जियो’ सिम को पाकिस्तान में स्मगल करने की घृणित योजना के बारे में पता चला। आईएसआई की योजना स्मगल की गयी ‘जियो’ सिम का पूरा डाटा इस्तेमाल कर उन्हें वापस भारत भेजने की थी।

घाटी के दौरे से वापस लौटे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे गृह मंत्री राजनाथ ने सर्वदलीय बैठक में इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि पाक प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ भी प्रधानमंत्री मोदी को अपनी वर्षों पुरानी दोस्ती का हवाला देते हुए अपनी पूरी फ़ैमिली के लिये ‘जियो’ सिम मांग रहे हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस ख़बर की पुष्टि नहीं की है।



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