Tuesday, 24th October, 2017

चलते चलते

काले हिरण नहीं, सलमान की प्रजाति पर विलुप्त होने का ख़तरा, कोर्ट ने कहा- "चना-मूंगफली ना खिलायें"

25, Jul 2016 By बगुला भगत

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने आज अभिनेता सलमान ख़ान को काले हिरण और चिंकारा के शिकार के मामले में बरी कर दिया। फ़ैसला सुनाते समय हाईकोर्ट ने सलमान की प्रजाति पर विलुप्त होने का ख़तरा भी बताया है। उसने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि “सलमान के संरक्षण का पूरा इंतज़ाम किया जाये और इस बात का ख़ास ध्यान रखा जाये कि कोई भी व्यक्ति सलमान के साथ अमानवीय व्यवहार ना करे।”

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सल्लू भैय्या को अब जेल में ऐसी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी

इसके साथ ही, कोर्ट ने सलमान को चना या कोई अन्य खाद्य पदार्थ खिलाने पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है और उन्हें किसी संरक्षित स्थान पर शिफ़्ट करने का आदेश दिया है।

सलमान से सहानुभूति जताते हुए कोर्ट ने कहा कि “दुनिया में इस प्रजाति के अब गिने-चुने सदस्य ही बचे हैं। इसलिए हमारा फ़र्ज़ बनता है कि हम उनकी पूरी हिफ़ाज़त करें, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें देख सकें।”

कोर्ट ने अपने 420 पन्नों के फ़ैसले में लिखा है कि “इस घटना को 18 साल बीत चुके हैं और अभी तक एक भी हिरण कोर्ट में पेश नहीं हुआ। ना ही किसी हिरण ने शिकायत की कि उनका कोई सगा-संबंधी मारा गया है।”

“असल में, सलमान काले हिरणों की साज़िश का शिकार हुए हैं। जब तक धरती पर काले हिरणों का अस्तित्व है, हम तब तक सलमानों को सुरक्षित नहीं मान सकते।” उन्होंने सरकारी वकील से पूछा कि “जिस जानवर को सल्लू पहचानते तक नहीं थे, उसे भला वो मार कैसे सकते हैं?”

माननीय न्यायाधीश ने फ़ैसले में कई शोधों का हवाला देते हुए कहा कि “अक्सर पशुओं में भी आत्महत्या की प्रवृत्ति देखी गयी है। हो सकता है कि वो हिरण ख़ुद मरने के लिए गोली के सामने आ गया हो और इल्ज़ाम सलमान पर लगा दिया हो। इन हिरणों ने हमारे भगवान राम को भी चकमा दे दिया था। ”

उन्होंने आगे कहा, “अगर हमने सलमान को सज़ा दे दी होती तो क्या हमें ‘बॉडीगार्ड’, ‘दबंग’, ‘रेडी’ और ‘किक’ जैसी कालजयी फ़िल्में देखने को मिल पातीं! सलमान के प्रशंसकों के साथ-साथ यह कला जगत का भी भारी नुकसान होता और इस देश की पब्लिक हमें कभी माफ़ नहीं करती।”

माननीय न्यायाधीश ने फ़ैसले के अंतिम पृष्ठ पर लिखा- “बीईंग ह्यूमन, नॉट अ ब्लैकबक!”



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