Saturday, 19th August, 2017

चलते चलते

दादर से विरार लोकल में चढ़ा युवक बोरीवली में सकुशल उतरा, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

29, Sep 2016 By बगुला भगत

मुंबई. अगर कोई विरार लोकल में चढ़कर किसी बीच के स्टेशन पर सही-सलामत उतर जाये तो देखने वाले को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं होता। लेकिन चेतन चिपलकर नाम के एक युवक ने बुधवार की शाम यह कारनामा कर दिखाया, जिसकी वजह से अब उसे देश के राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने का सौभाग्य मिलने जा रहा है।

Mumbai Local
चेतन को देखने के लिये उमड़ी भीड़

चेतन की क़िस्मत बदलने वाली यह घटना कल उस समय घटी, जब वो विरार लोकल में दादर स्टेशन से बोरीवली के लिये सवार हुआ, हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उसने यह आत्मघाती क़दम किस परेशानी के चलते उठाया। चढ़ने के 15 मिनट बाद वो दरवाज़े से एक फ़ुट अंदर पहुंचने में क़ामयाब हो गया और पूछ बैठा कि बोरीवली किधर आयेगा। बस, उसका यह पूछना था कि चारों तरफ़ से आवाज़ आने लगी- “चेतन भगत है क्या!”, “इसमें काये को चढ़ गया?”, “मरने का है क्या?”

इसी बीच एक भले आदमी (जिसका दायां गाल चेतन के गाल से सटा हुआ था) ने उसे सलाह दी कि “अब अंधेरी में उतर जाना”, तभी दूसरा बोला- “नहीं, अंधेरी में नहीं उतर पाओगे, बांद्रा में ही उतर जाना!” लेकिन जब तक वो एक फ़ुट और सरका, तब तक बांद्रा और अंधेरी दोनों निकल गये। घबराहट में उसकी आंखों में आंसू आ गये। यह देखकर कुछ सवारियों को उस पर तरस आ गया। उन्होंने कांदिवली आने तक उसे गेट के पास पहुंचा दिया और कहा कि “हम तुम्हें धक्का दे देंगे, बाक़ी तुम्हारी क़िस्मत!” और उनके धक्के और अपनी क़िस्मत के सहारे वो सचमुच सही-सलामत नीचे उतर गया।

विरार लोकल से किसी को बोरीवली में उतरता देख लोगों की आंखें फटी की फटी रह गयीं- ना उसकी कमीज फटी, ना किसी की कोहनी से मुंह सूजा! यह देख प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े लोगों ने तालियां बजाना शुरु कर दिया, कुछ ने आगे बढ़कर उसे कंधों पर उठा लिया और नारेबाज़ी करते हुए स्टेशन से बाहर लेकर चले गये।

जैसे ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को इस घटना की जानकारी मिली, उन्होंने बहादुरी पुरस्कार के लिये चेतन का नाम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेज दिया। राष्ट्रपति ने भी इस आग्रह को तुरंत स्वीकार कर लिया और चेतन को राष्ट्रपति भवन आमंत्रित कर दिया, जहां वो 2 अक्टूबर को एक भव्य कार्यक्रम में उसे बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। इसके अलावा, उसे 26 जनवरी को इंडिया गेट पर होने वाली परेड में बहादुर बच्चों के साथ हाथी पर बिठाकर भी घुमाया जायेगा।

इस बीच, ख़बर मिली है कि चेतन की इस बहादुरी से प्रभावित होकर अमेरिका ने अपने नेवी सील कमांडो दस्ते में शामिल होने के लिये बुलावा भेजा है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला वो मुंबई का दूसरा शख़्स है, इससे पहले 1988 में समीर शहाणे नाम के एक युवक को भी विरार लोकल से उतरने पर नेवी सील में भर्ती किया गया था।



ऐसी अन्य ख़बरें