Saturday, 18th November, 2017

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जलीकट्टू के प्रदर्शनकारियों पर साँड छोडेगी सरकार, समर्थक और विरोधी दोनों ख़ुश

19, Jan 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/चेन्नई. तमिलनाडु सरकार ने जलीकट्टू पर बैन के विरोध में मरीना बीच पर डटे प्रदर्शनकारियों पर साँड छोड़ने का फ़ैसला किया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये साँड प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये छोड़े जा रहे हैं या उन्हें ख़ुश करने के लिये! फिलहाल सिर्फ़ इतना पता चल पाया है कि आँसू-गैस के गोलों के बजाय साँड छोड़े जायेंगे।

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प्रदर्शनकारियों पर छोड़ने के लिये साँड ले जाती पुलिस

यह फ़ैसला तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई मुलाक़ात में लिया गया। पनीरसेल्वम ने पीएम को राज्य की बिगड़ती लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति से अवगत कराया और जलीकट्टू को मंजूरी देने के लिये अध्यादेश लाने की मांग की। यह सुनकर मोदी जी ने पनीरसेल्वम से पूछा- “वो साँड ही चाहते हैं ना?”

सारी ज़िंदगी झुक कर बात करने वाले पनीरसेल्वम ने सर झुकाकर कहा- “जी सर” इस पर पीएम ने हाथ से इशारा करते हुए कहा- “तो जाओ, दे दो उनको साँड!” यह सुनकर पनीरसेल्वम ने हैरानी से पूछा- “मतलब आपने जलीकट्टू को परमिशन दे दी?” मोदी जी ने कहा- “मैं कह रहा हूं कि उनके पीछे साँड छोड़ दो!” इससे साँड साँप भी मर जायेगा और तुम्हारी लाठी भी नहीं टूटेगी!” इसके बाद उन्होंने पनीर के कान में फुसफुसाकर कुछ कहा। जिसे सुनकर वो गर्दन हिलाते हुए बोले- “जी, समझ गया सर…समझ गया!”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि साँडों को छोड़कर सरकार एक ‘सींग’ से दो शिकार करना चाहती है। इस फ़ैसले से एक तो वे पीटा-शीटा वाले एक्टिविस्ट टाइप लोग चुप हो जायेंगे, जो प्रदर्शनकारियों पर सख़्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी भी साँडों को देखकर ख़ुश हो जायेंगे।

मरीना बीच पर डटे प्रदर्शनकारी सरकार के इस फ़ैसले को अपनी जीत बता रहे हैं और बेसब्री से साँडों का इंतज़ार कर रहे हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि सरकार उन पर कैसे साँड छोड़ने वाली है- जलीकट्टू के लिये विशेष रूप से तैयार किये गये साँड या सड़कों पर घूमने वाले आवारा साँड!



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