Thursday, 27th July, 2017
चलते चलते

ABVP कार्यकर्ताओं की बटालियन बनाकर सेना में शामिल करेगी सरकार

26, Feb 2017 By कपट मुनि

नयी दिल्ली. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने रामजस और देश के अन्य कॉलेजों में मारपीट करके अपनी जिस लड़ाकू काबिलियत का परिचय दिया है, उससे खुश होकर केंद्र सरकार ने उनकी एक अलग बटालियन बनाने का फ़ैसला किया है। ABVP कार्यकर्ताओं की उस बटालियन को फिर सेना में शामिल किया जायेगा।

Ramjas
अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते एबीवीपी कार्यकर्ता

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि “ABVP के लड़ाकू कार्यकर्ताओं की ऊर्जा का देशहित में सही उपयोग नहीं हो पा रहा और वो बेकार में छात्रों और प्रोफेसरों को पीटने में नष्ट हो रही है। इसलिए सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह इन्हें देश की सेना में जगह देकर इनकी वीरता का सम्मान करे।”

रक्षामंत्री ने आगे कहा कि “ABVP बटालियन का काम शिक्षा के ‘शुद्धिकरण’ के मार्ग में आने वाले दुश्मनों को जड़ से मिटाना होगा। इस काम में उन्हें महारत हासिल हो सके इसके लिये उन्हें दुनिया के अन्य लड़ाकू छात्र संगठनों के साथ संयुक्त अभ्यास कराया जाएगा। सरकार इस बटालियन की ट्रेनिंग के लिए विदेशों से उच्च गुणवत्ता वाले पत्थर और लाठी-डंडे आयात करेगी, जिसका खर्चा रेल बजट में कटौती करके निकाला जाएगा।”

इस बटालियन के जवानों को प्रशिक्षण देने के लिए पत्थरबाज़ नियुक्त किये जायेंगे, जिनकी भर्ती के लिये जम्मू-कश्मीर में विशेष भर्ती अभियान चलाया जाएगा। महबूबा सरकार ने केंद्र सरकार के इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा है कि “इस घोषणा से प्रदेश के बेरोजगार स्किल्ड पत्थरबाज युवाओं को रोजगार मिलेगा और उनके मन में भारत सरकार के प्रति विश्वास जागेगा।” वहीं, इस घोषणा को जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अगली विदेश यात्रा स्थगित कर दी है और राष्ट्रपति से कहकर संसद का विशेष अधिवेशन बुलाने की अपील की है।

उधर, सरकार के इस एलान के बाद ABVP कार्यकर्ता और भी जोश में आ गये हैं। वे भाजपा शासित राज्यों के कॉलेजों में प्रोफेसरों को खर्चा-पानी दे रहे हैं और कॉलेजों की इमारतों की खिड़कियों के शीशे तोड़ रहे हैं ताकि नये लगाये जा सकें। इन कार्यकर्ताओं के माता-पिता भी इस घोषणा से फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने इसे अपने संस्कारों की जीत बताया है तथा वे भी पड़ोसियों के घरों के शीशे तोड़कर और उन्हें पीट कर खुशियां मना रहे हैं।



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