Monday, 18th December, 2017

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गोलगप्पे वाले ने दिया विवादित बयान, कहा- 'मेरी दुकान का गोलगप्पा है सबसे अच्छा!'

18, Apr 2017 By Ritesh Sinha

भोपाल. कौन सा बयान विवादित है और कौन सा नहीं? यह डिसाइड करने वाली एक संस्था ने शहर के एक गोलगप्पे वाले की जमकर निंदा है। इस गोलगप्पे वाले पर आरोप है कि ये अपने यहाँ के गोलगप्पे को शहर का सबसे अच्छा गोलगप्पा बताता है, जो कि सच्चाई से कोसों दूर है। साथ ही, इस गोलगप्पे वाले पर यह भी आरोप है कि इसने अन्य दुकानदारों की भावनाओं को भी आहत किया है। आरोपी गोलगप्पे वाले का नाम मनोहर लाल बताया जा रहा है, जो लक्ष्मी मार्केट में हर रोज़ शाम को अपना ठेला लगाता है।

Golgappa
मनोहरलाल के गोलगप्पे

दरअसल, मनोहर लाल अपने ठेले पर आने वाले सभी ग्राहकों को यह कहकर गुमराह करता है कि “हमारे यहाँ के गोलगप्पे सबसे टेस्टी होते हैं! अगली बार और आना!” इस खबर का पूरे देश में व्यापक असर हुआ है। ट्विटर पर लोग मनोहर से इस विवादित बयान के लिए माफ़ी की मांग कर रहे हैं।

देश में बयानों की देखरेख करने वाली संस्था के चेयरमैन आउटरेज कुमार ने बताया कि “देखिए! इस गोलगप्पे वाले के बयान में कोई सच्चाई नहीं है। हमने अपनी जांच में पाया है कि यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर आउटरेज करने के लायक है। इसलिए अगले दो-तीन दिनों तक हम इस मुद्दे पर बहस करेंगे और उस गोलगप्पे वाले का सच दुनिया के सामने लाकर रहेंगे। साथ ही हम मनोहर लाल के बगल वाले ठेले से पानी-पूरी खाकर उसका बहिष्कार भी करेंगे।” आउटरेज जी ने गुस्सा होते हुए कहा।

इसी बीच आउटरेज कुमार जी का मोबाइल बज उठा। उन्होंने फोन उठाया तो उधर से आवाज आई “हैलो! एक नेताजी ने विवादित बयान दिया है। आप आउटरेज कर देंगे क्या?” इतना सुनते ही आउटरेज जी ने जवाब दिया- “हाँ..हाँ, कर देंगे! हमारा और काम ही क्या है! लेकिन फिलहाल हमने एक गोलगप्पे वाले को पकड़ रक्खा है, दो-तीन दिन तक हम इस मुद्दे पर बिजी रहेंगे। उसके बाद ही आपका काम हो पाएगा।” -कहते हुए उन्होंने फोन रख दिया और इंटरव्यू को आगे बढ़ाया।

“लेकिन इसमें गलत क्या है? ऐसा तो हर गोलगप्पे वाला कहता है?” यह सुनते ही आउटरेज जी भड़क गए और इस सवाल को ही अगला मुद्दा बनाने की धमकी दे डाली। लाल-पीला होते हुए उन्होंने कहा- “देखिए! आप बहस मत कीजिए। हम जिसे ‘विवादित’ कहेंगे, वही बयान ‘विवादित’ माना जाएगा। दूसरों को इसमें ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है। वैसे भी, मैंने मनोहर के यहाँ एक बार गोलगप्पा खा रखा है, एकदम घटिया बनाता है।”



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