Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

रिपोर्टर के मज़ाक पर भड़के लालू यादव​, कहा- "मैं पाण्डव हूँ, रावण नहीं"

31, Jul 2017 By Vish

पटना. नीतीश कुमार के धोखे से आहत हुए लालू यादव उनसे बुरी तरह झुंझलाये हुए हैं। हालांकि नीतीश ने अब तक लालू जी के बारे में खुल कर कुछ नहीं कहा है पर लालू मीडिया में नीतीश को कटप्पा और खुद को बाहुबली दर्शाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ‘विश्वासघाती दिवस’ भी मनाया।

lalu yadav
अपने रौद्र रूप में लालू प्रसाद यादव

दोनो का लोगों के बीच काफ़ी मज़ाक भी बन रहा है जो कि लालू के गुस्से को और हवा दे रहा है। ऐसे में एक रिपोर्टर ने दोनों की मौजूदा स्थिति पर चुटकी लेते हुए लालू जी की तुलना ‘रावण’ से और नीतीश की तुलना ‘विभिषण’ से कर दी जिस पर लालू जी बुरी तरह बिगड़ गये।

हुआ यूँ कि लालू अपना लुंगी-बनियान पहने मीडिया से बातचीत कर रहे थे कि तभी एक रिपोर्टर बोल पड़ा कि “तो! विभिषण ने तो आपकी लंका ढहा दी! अब आगे का क्या प्लान है?” इतना सुनते ही लालू जी खटिया से उठ खड़े हुए। उन्होंने सामने रखा चाय का कप रिपोर्टर पर फेंकने के लिये उठा लिया और भड़क कर बोले, “हुः! बाहर निकालो इसको। सवाल पूछने आया है कि जोकरई करने आया है यहाँ!”

तब आसपास के लोगों ने बीच-बचाव करके किसी तरह स्थिति को संभाला और लालू जी को शांत किया। वो वापस बैठते हुए बड़बड़ाये, “भारी चंठ है!” फ़िर सबने उनको पानी-वानी पिलाया तब कहीं जाकर उनका गुस्सा शांत हुआ।

“ऊ नीतीसवा विभिषण नहीं, सुशासन का चोला ओढ़े दुसासन है दुसासन! नहीं दुसासन तो अमित साह है, नीतीस तो महा पुरोचन है। और उसी ने ई सब लाक्षागृह बनाया है हमको फंसाने के लिये! नरेन्दर मोदी के साथ मिलकर जाने कब से ई प्रपंच रच रहा था। पर अभी हम डाउन नहीं हुआ हूँ। हम पाण्डव हूँ पाण्डव! इस लाक्षागृह से सुरंग खोद के बाहर निकलूंगा और दिखा दूंगा सबको कि लालू यादव कौन है!”

लालु की इस हुंकार को सुनकर उनके समर्थक भी सहम गये। फिर एक प्रशंसक ने उनकी प्रसिद्ध बायोग्राफ़ी ‘लालू चालीसा’ की 2 पंक्तियां गाकर सुनायी, जिन्हें सुनकर लालू जी बहुते प्रसन्न हो गये और ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे।



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