Monday, 26th June, 2017
चलते चलते

फेयरनेस क्रीम्स के बाद अब गंजों ने लगाया शैम्पू तेल कंपनियों पर भेदभाव का आरोप

09, May 2017 By banneditqueen

मुंबई. कई दिनों से सोशल मीडिया पर गोरा करने वाली क्रीम्स को लेकर बहस चल रही है। लोगों का कहना है कि ऐसी क्रीम के विज्ञापन से रंगभेद को बढ़ावा मिलता है। कई बॉलीवुड सितारों ने फेयरनेस क्रीम्स के विज्ञापनों में भी काम किया है। कुछ समय पहले अभिनेता अभय देओल ने भी फेसबुक पर इन गोरा करने वाली क्रीम्स के खिलाफ अपनी नाराज़गी जताई थी। कई और हस्तियों ने भी ऐसी क्रीम्स को आड़े हाथों लिया।

अपना दुख बयान करते अनुपम
अपना दुख बयान करते अनुपम

इन सब के बीच एक नया बवाल खड़ा हुआ है, मुंबई के माहिम इलाके में रहने वाले अनुपम ने यह दावा किया है कि शैम्पू तेल के विज्ञापन उन्हें हीन भावना का एहसास करते हैं और इन पर बैन लगना चाहिए। फेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए अनुपम ने बताया कि ”आए दिन हम ‘सुरक्षित काले मेरे बाल वैसमॉल ने किया कमाल’, ‘टूटते झड़ते बालों के लिए अपनाएं फलाना तेल ढिकाना शैम्पू’, आखिर कब तक चलेगा ये? क्या हमारी भावनाओं की कोई क़द्र नहीं? क्या कोई ये नहीं सोचता कि ऐसे विज्ञापन देख कर हमें दुःख होता है या नहीं ? अरे हमारा भी मन होता है बालों में कंघी घुमाएं, सर में शैम्पू लगाएं, तेल से चम्पी करें…क्या किसी ने ये सोचा कि कभी गंजों के लिए भी कोई प्रोडक्ट लाएं ? गंजों के सर पे बाल उगाने वाले डॉक्टर बत्रा से मैं पूछना चाहता हूँ कि हम क्यों इस हीन भावना में रहे कि हमारे सर पे बाल नहीं हैं ?”

ऐसा कहते कहते अनुपम फफक पड़े और काफी देर के बाद चुप हुए। उसके बाद वो बोले ”किसी ने सोचा कि गर्मी में हमारा क्या हाल होता है? जब तपती धूप सीधे हमारे सर पर लगती है … बस अब मैं और नहीं बोल सकता।” बताया जाता है कि कई और गंजी हस्तियों ने भी इस मुहिम में अनुपम का साथ दिया है।



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