Wednesday, 29th March, 2017
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'लौकी की सब्ज़ी मुझे बहुत पसंद है' कहने पर इंजीनियरिंग छात्र को दोस्तों ने हॉस्टल से निकाला

20, Dec 2016 By Ritesh Sinha

ग़ाज़ियाबाद. लौकी की सब्जी के लिए खुले आम अपना प्यार जाहिर करना एक युवक को भारी पड़ गया। उसके दोस्तों ने इस जघन्य अपराध के लिए उसे हॉस्टल से बाहर कर दिया। पीड़ित युवक का नाम मोहित पारकर बताया जा रहा है, जो लाला गोबरधनदास बिज़नेस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (LGBTI) में मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र है और अपने तीन-चार दोस्तों के साथ इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में रहता है।

Hostel Student
मोहित की सब्ज़ी के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते छात्र

हुआ यूँ कि मोहित पिछली छुट्टियों में अपने घर गया हुआ था। जब वो वापस आने के लिए घर से निकला तो उसकी मम्मी ने कहा- “मैंने तुम्हारी फेवरेट लौकी की सब्जी बनाकर टिफिन में डाल दी है। ठंडी का मौसम है, दो दिन तक चलेगी, गरम कर-करके खा लेना। हॉस्टल का खाना खा-खाकर कितना दुबला हो गया है मेरा बेटा!” कहते हुए मोहित की मम्मी ने टिफिन उसके बैग में डाल दिया।

बस, उसी लौकी की सब्जी को मोहित हॉस्टल में परांठों के संग दबा रहा था। तभी उसके दोस्त उसके रूम में आ गए और उन्होंने उसे रंगे हाथों लौकी की सब्जी खाते हुए पकड़ लिया। उनमें से एक दोस्त संजय ने गुस्से में कहा- “साले! क्या खा रहा है…लौकी? हमारे रूम में लौकी? तेरी हिम्मत कैसे हुई!” मोहित उसे समझाने लगा- “लौकी की सब़्ज़ी बहोत गुणकारी होती है यार! मुझे तो ये बहोत पसंद है। मैं तो कभी-कभार इसका जूस भी पी लेता हूँ, पेट के लिए बहोत अच्छा होता है।’ यह सुनते ही उसके सारे दोस्त उस पर पिल पड़े और उसे सामान समेत हॉस्टल से बाहर फेंक दिया।

“ख़बरदार! जो इस हॉस्टल के आसपास भी नज़र आया तो, ठीक नहीं होगा बताये देते हैं। बाबा रामदेव के बाद इंडिया में तू ही बचा है, जो लौकी खाता है। भाग यहाँ से!” -दोस्तों ने उसे भगाते हुए कहा। इस घटना के बाद मोहित को बची हुई लौकी की सब्ज़ी के साथ अपने घर की ओर जाने वाली बस पकड़ते देखा गया है। वहीं, बाबा रामदेव ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।



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