Monday, 26th June, 2017
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डीयू के सिलेबस में चेतन भगत तो यूपी की यूनिवर्सिटी ने लगा दी मस्तराम की किताब

30, Apr 2017 By बगुला भगत

कानपुर. दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने सिलेबस में अंग्रेज़ी के लेखक चेतन भगत की किताब शामिल की तो अब यूपी की एक यूनिवर्सिटी ने हिंदी के परम लोकप्रिय लेखक मस्तराम की किताब को सिलेबस में शामिल कर लिया है। 

Mastram
आ रहा है- आपकी किताबों में

मेरठ की चौधरी चमनलाल सिंह यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रसिक जुनेजा ने फ़ेकिंग न्यूज़ से ख़ास बातचीत में सिलेबस चेंज होने की पुष्टि की। जुनेजा जी ने बताया कि “हमारी नयी पीढ़ी अपनी पुरानी कल्चर से दूर होती जा रही है। आजकल के छात्र मस्तराम जी और उनके साहित्य के बारे में अनजान हैं। इसलिये हमने उनकी दो बेहद महत्वपूर्ण पुस्तकों- अनाड़ी बलमाऔर बनिये का लॉलीपॉपको बीए के सिलेबस में जोड़ा है।”

“कोई भी व्यक्ति ‘अनाड़ी’ क्यूँ होता है और बलमा को यह जानना ज़रूरी है। और चूंकि बनिया समुदाय हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, तो हमें उसके बारे में भी पता होना चाहिये और यह भी पता होना चाहिये कि लॉलीपॉप बनता कैसे है।”

“और लॉलीपॉप तो बड़ों से लेकर बच्चों तक सबको पसंद है।” -ड्रॉअर से लॉलीपॉल निकालते हुए उन्होंने कहा।

जब हमने यूपी के शिक्षा मंत्री डॉ दिवेश शर्मा से इस मामले पर सफ़ाई मांगी तो उन्होंने कहा, “देखिये, हमारा तो नारा ही है- हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान! तो हम चूतिया चेतन भगत जैसे किसी अंग्रेज की किताब लगाने के बजाय हमारी अपनी भाषा में बात करने वाले राइटर की किताब लगायेंगे ना!”

“यूपी के छात्रों ने जितनी किताबें मस्तराम की पढ़ी हैं ना, अपने सिलेबस की तो उसकी दस परसेंट भी नहीं पढ़ीं। सच्ची बतायें तो हमने भी उनकी कई किताबें पढ़ी हैं, जब हम तुम्हारी उमर के थे!” -शर्मा जी कोहनी मारते हुए बोले।

“इससे छात्रों का पढ़ने में इंटरेस्ट बढ़ेगा। अभी जो कक्षाएं खाली दिखाई दे रही हैं, वे सब हाउसफुल हो जायेंगी। और अगर ‘अनाड़ी बलमा’ को कोई महिला अध्यापक पढ़ाएगी तो फिर तो क्लास में आने के लिये टिकट लगाना पड़ेगा।”

“और सबसे बड़ी बात! इस बहाने से सरकार की कमाई का एक और जुगाड़ हो जाएगा और थोड़ा-बहोत हमारा भी!” –कहकर वो ज़ोर से हंसे और खुजाते हुए चले गये।



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