Thursday, 21st September, 2017

चलते चलते

दारू को GST से बाहर रखने पर भड़के बेवड़े, हर रोज़ शाम 5 बजे तक करेंगे आन्दोलन

22, Jun 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. ख़बर मिली है कि शराब को GST से बाहर रखना केंद्र और राज्य सरकारों को भारी पड़ सकता है। दारू खरीदकर देश की GDP में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों ने इस मसले पर उग्र आंदोलन की धमकी दी है। दारू पीने वालों की मांग है कि अल्कोहल को भी GST के दायरे में लाया जाए, ताकि वे भी पूरे देश में एक जैसी कीमतों का फायदा उठा सकें।

Protest- Liquor
आंदोलन की तैयारी करता एक प्रदर्शनकारी

उन्होंने धमकी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे देश भर में उग्र आंदोलन करेंगे। यह आंदोलन हर रोज़ सुबह 9 बजे से शुरू होगा और शाम को 5 बजे ख़त्म हो जाएगा। चूँकि, जो लोग आंदोलन करेंगे, उन्हें खुद 5 बजे के बाद ‘जुगाड़’ करने के चक्कर में घूमना पड़ता है, इसलिए शाम होते ही कोई भी आंदोलन करने के लिए नहीं बचेगा।

आंदोलन की धमकी देने वाले संगठन के अध्यक्ष सोमरस बाटलीवाला जी ने बताया कि “इन नेताओं ने हर चीज़ को GST के अंदर डाल दिया, लेकिन दारू और पेट्रोल को इससे बाहर कर दिया। इससे प्रूव होता है कि मोदी सरकार समाज को बांटने का काम कर रही है। हम इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक जैसी कीमतों का फायदा हम भी उठाना चाहते हैं भाई! हमें भी अंदर ले लो!” -कहते हुए बाटलीवाला जी ने अपना पेट अन्दर खींचा और पैंट के अंदर से एक बाटली निकालते हुए बोले- “देखो! ये बाटली मैंने 200 रुपये में खरीदी है, अब यही बाटली गोवा में सिर्फ़ 100 रुपये में मिलती है। ये कोई बात हुई भला!”

“इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आप क्या-क्या करेंगे?” ऐसा पूछे जाने पर बाटलीवाला जी ने बताया कि “सबसे पहले तो हम दारू की दुकान छोड़कर सभी दुकानों को बंद करवाएंगे। उसके बाद जुलूस निकालेंगे, नारे लगाएंगे और हवन भी करेंगे। वैसे रेल पटरी उखाड़ना है या नहीं, इस बात का फैसला हम अगली मीटिंग में करेंगे!”

उधर, केंद्र और राज्य सरकारों ने भी इस विरोध प्रदर्शन को अभी से विफल करने की योजना बना ली है। पता चला है कि प्रदर्शन करने वालों को फ्री में दारू बांटकर इस आंदोलन को कमजोर कर दिया जाएगा।



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