Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

अगर आप कोविंद को नहीं जानते तो ज़्यादा टेंशन मत लीजिए- एम्स के डॉक्टरों ने चेताया

20, Jun 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. जैसे ही अमित शाह ने NDA की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोविंद की घोषणा की, देश भर से सरदर्द, चक्कर और भारीपन की ख़बरें आने लगी। लोगों ने अपने ‘दिमाग’ से ज़बरदस्ती करके कुछ ज्यादा ही काम करवा लिया, यही वजह है कि सबके सर में दर्द शुरु हो गया। एक तो लोग पहले ही क्रिकेट में मिली हार से नाराज चल रहे थे, ऊपर से अमितवा ने लगभग अनजान आदमी को उम्मीदवार घोषित कर उन्हें नयी टेंशन दे दी।

ram nath kovind
ख़ुश होकर विजयी चिन्ह बनाते कोविंद जी

जैसे ही कोविंद के नाम की घोषणा हुई, लोगों ने अपनी मेमोरी पर जोर डालना शुरू कर दिया। “मैंने इसको कहीं देखा है क्या? मैंने इसका नाम कभी सुना है क्या?” यही सोच-सोचकर लोग परेशान हो उठे और अपने सर में दर्द करा बैठे, जिसकी वजह से दर्द निवारक गोलियों की बिक्री अचानक 200% बढ़ गई। अपने आप को राजनीति का एक्सपर्ट कहने वाले लोगों में दर्द की समस्या सबसे ज्यादा पाई गई है।

रात होते-होते मरीजों की संख्या भी तेज़ी से बढ़ने लगी। लोग एक दूसरे को फोन करके पूछने लगे “अबे तू जानता है क्या उसको?” हद तो तब हो गई जब उत्तर प्रदेश के रहने वालों ने ही उन्हें जानने से इनकार कर दिया। मामले को हाथ से निकलता देख एम्स (AIIMS) के डॉक्टर सामने आए और उन्होंने चेतावनी दी कि “अगर आप रामनाथ कोविंद को नहीं जानते, तो ज्यादा लोड लेने की जरूरत नहीं है। आप जिन्हें नहीं जानते वो भी राष्ट्रपति बन सकता है। इसलिए शांति बनाए रखिए और अपने दिमाग पर ज्यादा जोर मत डालिए।” डॉक्टरों की इस अपील के बाद, हालात में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है।

कानपुर से आकर दिल्ली में रहने वाले रोहन कुमार ने बताया कि “साला! अपने बीच का बंदा राट्टपति बनने वाला है, और हमें कानों-कान खबर तक नहीं हुई। हर रोज़ टीवी देख रहा था, ट्विटर पर भी हूँ, फिर भी पकड़ में नहीं आया।” उधर, भाजपा के कई नेताओं को राष्ट्रपति का उम्मीदवार कौन होगा? इसका जरा भी अंदाजा नहीं था, लेकिन नाम की घोषणा होते ही कई छुटभैय्ये नेताओं को कहते हुए देखा गया कि “अरे! मुझे तो पहले से पता था, यही बनेगा करके।”



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