Saturday, 16th December, 2017

चलते चलते

इन्कम टैक्स रिटर्न के डाॅक्युमेंट भर-भर के परेशान युवक ने डिप्रेस होकर छोड़ी नौकरी

17, Feb 2017 By banneditqueen

मुम्बई. फरवरी के महीने में वैलेंटाइन्स डे नहीं बल्कि इन्कम टैक्स डे मनाना चाहिए। डे ही नहीं बाकायदा दो दिन छुट्टी देनी चाहिए ताकि इंसान एक दिन सारे डाॅक्युमेंट्स जमा करे और दूसरे दिन डाॅक्युमेंट्स भरने के सदमे से उबर सके। हर वर्ष होते आ रहे इस अत्याचार के कारण आखिरकार एक युवक ने हार मान ली। एक मल्टीनेश्नल कम्पनी में काम करने वाले परिवेश मल्होत्रा पिछले कई दिनों से इन्कम टैक्स रिटर्न भरने के लिये शहर भर में धक्के खा रहा था।

इन्कम टैक्स के कागज़ात भरने के बाद रोता परिवेश
इन्कम टैक्स के कागज़ात भरने के बाद रोता परिवेश

पहले तो मकान मालिक से किराए की रसीद पर साइन कराने के लिये उसके घर के चार चक्कर लगाए। फिर उसमें रेवेन्यु स्टाम्प लगाने के लिये पोस्ट आॅफिस के चक्कर। जब ये काम खत्म हुआ तो पुराने कागज़ात में से सारे मेडिकल बिल्स ढूँढ के निकाले ताकि उस पर रिबेट मिले। उसके अलावा तमाम इंवेस्टमेंट्स और पाॅलिसी के कागज़ात इकठ्ठा किये। सभी डाॅक्युमेंट्स में अमाउंट और तारीख डालते डालते उसकी आँखो के सामने नम्बर्स ही नम्बर्स नज़र आ रहे थे। डाॅक्युमेंट जमा करने का बाद उसे काफी रातों तक नींद ही नहीं आई।

कई बार तो उसे सपने आते कि वह कोई डाॅक्युमेंट फाइल करना भूल गया। कई रातों तक ना सो पाने के बाद वह अवसाद ग्रस्त हो गया और हर साल की इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिये उसने नौकरी छोड़ दी। जब कम्पनी के मैनेजर ने कारण पूछा तो उसने कहा कि “हर साल यह अत्याचार मैं नहीं झेल सकता, रोज़ रात को डरावने सपने आते हैं कि मेरी पूरी सैलरी इन्कम टैक्स विभाग ने ले ली। अब और बर्दाश्त नहीं होता मुझसे इसलिए बेहतरी इसी में थी कि नौकरी ही छोड़ दूँ, ना सैलरी आएगी ना टैक्स कटेगा।” इस घटना के बाद बाकी कम्पनियाँ भी डर गई हैं कि कहीं उनके एम्प्लाॅई भी नौकरी ना छोड़ दें।



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