Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

"नोटबंदी का असली मकसद मुलायम और मायावती को हराना था" –जेटली का नया ख़ुलासा

09, Nov 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. नोटबंदी की रोज़ एक नयी वजह बताने वाली केंद्र सरकार ने आज इसकी एक और नयी वजह बता दी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि “नोटबंदी सिर्फ़ और सिर्फ़ मुलायम और मायावती को हराने के लिये की गयी थी और हम अपने इस मक़सद में पूरी तरह क़ामयाब रहे।” देश की पब्लिक ने भी जेटली जी की बात पर यक़ीन कर लिया है। अभी तक बताई गईं वजहों में से सबसे ज़्यादा लोग इसी वजह पर भरोसा कर रहे हैं।

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नोटबंदी की वजह बताकर हँसते हुए जेटली जी

नोटबंदी की पहली बरसी पर खचाखच भरे प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए जेटली जी ने कहा कि “नोटबंदी को आज पूरा एक साल पूरा हो गया है। एक साल से हमारे नेता इस फ़ैसले की नयी-नयी वजहें बता रहे हैं। कोई इसकी वजह आतंकवाद बता रहा है तो कोई नक्सलवाद और कोई कैशलेस इंडिया बता रहा है। ये सब बकवास है!”

“आज मैं आपको इस फ़ैसले की असली वजह बताने जा रहा हूँ। सच्चाई ये है कि हमने 1000 और 500 के नोट नेताजी और बहनजी को हराने के लिये ही बंद किये थे। अगर वे नोट बंद नहीं होते तो यूपी में हमारी जीत संभव नहीं थी।” -यह कहकर जेटली जी ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे।

जेटली जी के इस दावे के उलट, मुलायम और मायावती यह मानने को तैयार नहीं हैं कि वे नोटबंदी की वजह से हारे थे। धूप में खाट पर लेटे सपा मुखिया मुलायम ने कहा कि “जब हंवाये पास बियैक मंयी था ई नई, तो फिर हंव बियैक मंयी की वजै से हाय कैसे गये? सच्चाई तौ जे है कै हंव अपयी औयाद…मतयब अंवने टीपू की वजह से हाय गये। नई तौ मोदी मैं कहाँ दम था! हंवायी सायकिल वहाँ डूबी जहाँ पांयी भौत कंव था!”

उधर, मायावती ने भी जेटली पर निशाना साधते हुए कहा है कि “दलित की बेटी के पास काला धन कहाँ से आया! हमारे एक-आध नेता के पास था भी तो उसे बीजेपी ने अपनी तरफ़ मिला लिया…।” कहते हुए वो अचानक रुक गयीं और फिर काग़ज़ पर नज़र डालते हुए बोलीं कि “समझ में नहीं आ रहा कि आगे क्या लिखा हुआ है। इसलिये बची हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस कल की जायेगी।”



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