Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

'ट्रिवागो' वाले बंदे के साथ धोख़ाधड़ी, सस्ता होटल दिलाने के नाम पे लूट लिया

09, Jan 2018 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. “क्या आपने कभी ऑनलाइन होटल सर्च किया है?”- यह लाइन सुनते ही आपको ट्रिवागो वाले भाईसाब याद आ गये होंगे। दुनिया भर के लोगों को सस्ता होटल दिलाने वाले ट्रिवागो वाले चमन भाईसाब (बदला हुआ नाम) को कल पहाड़गंज के एक होटल ने सस्ता रूम दिलाने के नाम पर चूना लगा दिया- वो भी बिना कत्थे के!

Trivago Guy
ठगे जाने से पहले ट्रिवागो वाले भाईसाब!

हुआ यूँ कि चमन भाईसाब को किसी काम से अचानक जर्मनी से दिल्ली आना पड़ा, जल्दबाज़ी की वजह से उन्हें ऑनलाइन होटल सर्च करने का टाइम नहीं मिला और वो फ़्लाइट से उतरकर सीधे पहाड़गंज के ‘ब्लू हैवन’ होटल में पहुँच गये।

होटल में घुसते ही उन्होंने स्टाइल मारते हुए कहा- “मैं ट्रिवागो वाला चमन हूँ। जानते हो ना मुझे?” “अरे भाईसाब! क्या बात कर रे हो! आपको कौन नहीं पहचानता!” -रिसेप्शन पर बैठे बंदे ने लपकते हुए कहा। “तो चलो एक सस्ता सा रूम दिखाओ, और हाँ! पैसे ठीक-ठीक लगाना!” -चमन भाईसाब ने कहा।

“आप तो अपने आदमी हो। आपसे क्या कमाना! जो मर्ज़ी दे देना! हम आपसे बाहर हैं क्या!” -होटल वाले ने दिल्ली स्टाइल में मक्खन की पूरी टिक्की लगाते हुए कहा।

यह सुनकर चमन भाईसाब ने मस्त होकर चेक-इन कर लिया और बिना रेट-वेट पूछे जमकर खाया-पीया और टेंशन फ्री होकर सो गये। सुबह चेक-आउट करते समय जब रूम सर्विस वाले लड़के ने बिल थमाया तो बिल देखकर चमन भाईसाब को चक्कर आ गया। खाने-पीने का बिल, कमरे के बिल से चार गुना था।

दो घंटे की बहस और धींगामुश्ती के बाद चमन भाईसाब पैसे चुकाकर निकले और सीधे करोल बाग़ थाने पहुंँचे। थाने में पुलिसवालों ने भी रिपोर्ट लिखने के नाम पे उनकी जेब पे हाथ साफ़ कर दिया। अब वो इस धोख़ाधड़ी के ख़िलाफ़ ऑनलाइन कैंपेन चलाने वाले हैं।

उधर, देश में लाखों लोग ऐसे भी हैं, जो ‘ट्रिवागो वाले भाईसाब के साथ ठगी’ की ख़बर सुनकर ख़ुशी जता रहे हैं। रोहिणी के रहने वाले संदीप भाटिया ने ताली पीटते हुए कहा, “यही होना चाहिये था उसके साथ! साले ने इतना पका रक्खा था कि बस पूछो मत!”

संदीप ने हँसकर अपना लैपटॉप खोलते हुए कहा, “पहले तो उसके डर की वजह से मैं लैपटॉप खोलते हुए भी डरता था। कुछ भी देखने से पहले उस चू@#$ चमन के होटल देखने पड़ते थे!”



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