Friday, 28th July, 2017
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दलित के घर कौन ज़्यादा 'अच्छा' लंच करता है- अमित शाह या राहुल गांधीः एक तुलनात्मक अध्ययन

01, Jun 2016 By बगुला भगत

वाराणसी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कल जोगियापुर गांव में एक दलित के घर लंच किया। लंच करने के बाद उन्होंने डकार लेते हुए कहा कि “मैंने ये लंच इसलिये नहीं किया कि यूपी में चुनाव आने वाले हैं। चुनाव होते या ना होते, मुझे तो यहां भोजन करना ही था।”

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दलित के घर जीमकर उनका उत्थान करते अमित जी और राहुल जी

“जब भी मुझे रास्ते में कोई दलित दिखायी देता था, तो मेरा दिल मचल उठता था कि अभी जाकर इसके घर पे कुछ खा लूं। लेकिन क्या करुं, टाइम ही नहीं मिलता था!” -कहकर उन्होंने एक और डकार ली।

वैसे, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उनसे पहले कई बार ये कारनामा कर चुके हैं। इसलिये मीडिया में बहस छिड़ गयी है कि दलित के घर पे कौन ज़्यादा ‘अच्छा’ भोजन करता है- अमित शाह या राहुल गांधी!

अगर आप इस फ़ोटो को ग़ौर से देखें तो दोनों में फ़र्क साफ़ पता चल जायेगाः-

1 अमित शाह के सामने बाल्टी और दो बड़े-बड़े डोंगे रखे हुए हैं, जबकि राहुल गांधी के सामने सिर्फ़ एक छोटी थाली रखी है। 2 शाह जी के लिये दूसरी थाली में आठ-दस रोटियाँ एक्स्ट्रा रखी हुई हैं, जबकि राहुल जी के लिये सिर्फ़ दो पूड़ियाँ और हैं। 3 अमित शाह को भोजन परोसने वाली महिला किसी को आवाज़ देकर और खाना मंगा रही है, जबकि राहुल अपने सामने वाले भोजन को देखकर ही सहमे हुए हैं।

इन तीनों बातों से दोनों नेताओं की खुराक का अंतर पता चलता है।

4 राहुल पूड़ी-सब्ज़ी लेना पसंद करते हैं, जबकि अमित शाह को चपाती और खीरे का रायता भाता है। इससे हमें कुछ पता नहीं चलता। 5 अमित शाह नंगे पैर हैं, जबकि राहुल गांधी ने ज़ुराब पहनी हुई हैं। इसका मतलब- राहुल जी के पैर ज़मीन पर पड़ने से मैले हो जाते हैं। 6 दोनों के माथे पर टीका लगा हुआ, यानि दोनों दलित के घर पहुंचने से पहले पूजा करके निकलते हैं। 7 अमित शाह को परोसने वाली महिला ‘राइट’ हैंड से परोस रही है, जबकि राहुल गांधी वाली महिला ‘लेफ़्ट’ हैंड से! इससे दोनों नेताओं के राजनीतिक रुझान का पता चलता है। 8 अमित शाह के पीछे सीमेंट की दीवार है, जबकि राहुल गांधी के नीचे और पीछे गोबर पुता हुआ है। इससे राहुल बाबा के ‘बुरे दिनों’ का और शाह जी के ‘अच्छे दिनों’ का पता चलता है।

हालांकि, इन प्वॉइन्ट्स के आधार पर किसी नतीज़े पर पहुंचना अभी जल्दबाज़ी होगी क्योंकि शाह की ये ‘डेब्यू इनिंग’ है, जबकि राहुल कई सालों से इसी सर्फेस पे बैटिंग करते आ रहे हैं। लेकिन शाह जी के स्ट्राइक रेट को देखकर लग रहा है कि यूपी के विधानसभा चुनाव तक वो राहुल गांधी के लंच-डिनर-ब्रेकफास्ट वाले सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर देंगे।



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