Tuesday, 23rd May, 2017
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क्रेडिट कार्ड के लिए आने वाले कॉल्स से तंग आकर युवक ने छोड़ी अपनी आरामदायक नौकरी

17, Dec 2016 By ANKIT SHARMA

पुणे. हिंजेवाड़ी स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्ययत रोहित (२४), ने रोज़ क्रेडिट कार्ड के लिए आने वाले फ़ोन कॉल्स से तंग आकर अपनी आरामदायक नौकरी से इस्तीफा दे दिया। फेकिंग न्यूज़ द्वारा लिए खास इंटरव्यू में रोहित ने कहा “जब से मै नौकरी पर लगा हूँ तब से शायद ऐसा कोई दिन ना गया हो जब मुझे क्रेडिट कार्ड के लिए फ़ोन नहीं आया हो। शुरू शुरू में मैं सब कुछ मजाक में लेता था और ऐसे कोई कॉल आने पर उन्हें अपने मेनेजर या टीम लीड का फ़ोन नंबर दे दिया करता था। परंतु जब कॉल्स की संख्या कम नही हुई तो मैंने एयरटेल कंपनी से अनुरोध कर एक रिंगटोन चालू करवाई।”

फोन से परेशान होता रोहित
फोन से परेशान होता रोहित

‘ना चाहिये कोई क्रेडिट कार्ड, ना चाहिये कोई पर्सनल लोन; आराम से जीने दो यार और अभी काट दो फ़ोन।” इसके बाद मुझे व्हॉट्स उप, फेसबुक और मैसेज के माध्यम क्रेडिट कार्ड के लिए परेशान किया जाने लगा। एक दिन गुस्से में आकर मैंने हर बैंक का क्रेडिट कार्ड ले लिया, परंतु उसके बाद भी मुझे क्रेडिट कार्ड के इन्शुरन्स, सिक्योरिटी, अपग्रडेशन इत्यादि कराने के लिए कॉल्स आना शुरू हो गए। दो बार मैंने अपना नंबर भी बदला परंतु उससे भी कुछ नही हुआ। जब मैं इस समस्या के जड़ तक जाकर सोचा तब मैंने पाया की इस सब के पीछे मेरी नौकरी जिम्मेदार है जिसके कारण बैंक मुझे क्रेडिट कार्ड बेच रहे है| इसलिए मैंने थक हार कर नौकरी से इस्तीफा दे दिया।”

इस पूरे विषय की जानकारी देते हुए कंपनी H.R दीपक श्रीवास्तव का कहना है “सामान्यतः हम लोगो से सिर्फ उनके कंपनी के आखरी दिन में मिलते है। जब मैंने रोहित से उसके इस्तीफे का कारण पुछा तो उसने मुझे कोई ‘कार्ड फोबिया’ नाम की बीमारी बताई, जिसमे उसे अब कंपनी का आइडेंटिटी कार्ड पहनने में भी डर लगने लगा है।” दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने रोहित के नौकरी छोड़ने का कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ठहराया। उसका कहना है “कैशलेस इकॉनमी होने से क्रेडिट कार्ड्स के लिए आने वाले कॉल्स की संख्या दुगनी हो गयी, आम जनता इससे काफी परेशान है, यहाँ तक अब उन्हें अपनी नौकरी भी छोड़नी पड़ रही है। मोदी जी आपको इसका जवाब जनता को देना ही पड़ेगा।”



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