Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

कॉलोनी के अंकल जी ने की पागल कुत्ते की कड़ी निंदा, कुत्ते ने तुरंत क्षमा माँग व्यवहार सुधारा

19, Sep 2016 By Pagla Ghoda

नयी दिल्ली. जानवरों की साइंस में एक चमत्कार सामने आया है, जहाँ एक अंकल जी के डांटने पर एक अत्यंत ही पागल कुत्ते के व्यवहार में बदलाव आ गया है। ये घटना न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के श्री सज्जन प्रसाद आर्यावर्त जी के साथ हुई है, जिन्हें कि कॉलोनी में प्यार से अंकल जी कहा जाता है। अंकल जी ने गत शनिवार शाम पौने सात बजे के करीब पक्कू नाम के एक पागल कुत्ते की तब कड़ी निंदा कर दी जब पक्कू ने अंकल जी के पोते मुन्नू को काफी ज़ोर से काट लिया। मुन्नू के पैर पे घाव के निशान पड़ गए और खून बहने लगा। अंकल जी के बेटे भारत प्रसाद ने उसी वक़्त एनिमल कण्ट्रोल को बुलवा के पक्कू को उठवाने की बात की पर अंकल जी ने उसे रोक दिया। उन्होंने कहा कि पता नहीं कहीं पक्कू को पागल कुत्ता समझ के गोलियों से न उड़ा दिया जाए।

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पक्कू की कड़ी निंदा करते कॉलोनी के अंकल जी

कॉलोनी के पुराने सब्जीवाले गजोधर भैया ने बताया, “जहाँ पक्कू अपने पागलपन के लिए कुख्यात है वहीँ अंकल ज़ी अपने नरम व्यवहार के लिए मशहूर हैं। पक्कू पिछले कुछ सालों में उन्हें, उनके बेटे और उनके छोटे भाई सबको काट चुका है और अब उनके छोटे पोते को भी नहीं छोड़ा। पर अंकल जी हमेशा उसे क्षमा कर देते हैं। इस बार भी देखो उसको बुला के उसकी कड़ी निंदा कर दी। कहते हैं पकड़वा दूंगा तो उसे गोलियों से उड़ा दिया जायेगा। हम कहते हैं कि वो तो है ही पागल कुत्ता उसको तो अब उड़वा ही देना चाहिए, लेकिन हमारी मानें तब न।”

स्वयं अंकल जी से जब इस बारे में बात की गयी तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने पक्कू को कई बार माफ़ किया है। उन्होंने बताया, “बेटे, आप समझते नहीं हो, इस बार मैंने उसके सामने ही उसकी इतनी कड़ी निंदा की कि उसके तो रोने छूट गए। मैंने कहा कि पक्कू जब तुम्हारा जन्म हुआ था तो मैंने ही साठ रूपये दिए थे वेटरनिटी हॉस्पिटल में। मैं तुम्हारे सभी गंदे कामों को सिरे से खारिज करता हूँ। उसकी आखों में आंसू आ गए। उसने भोंक के मुझसे क्षमा भी मांगी। और उसने मुझे वायदा किया कि आज के बाद से वो कभी भी मेरे परिवार के किसी भी व्यक्ति को नहीं काटेगा। मुझे विश्वास है कि पक्कू अब एक बदला कुत्ता बनेगा।”

जहाँ अंकल जी के दोनों बेटे पक्कू के खिलाफ सख्त कदम उठाये जाने की वकालत कर रहे हैं, वहीं अंकल जी के बगल में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार खबरीलाल जी, जो जानवरों के लिए NGO भी चलाते हैं, ने पक्कू को हर हाल में प्रोटेक्ट करने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “पक्कू अपना ही बच्चा है, इसी कॉलोनी में हड्डियां चबा के बड़ा हुआ है। हाँ उसकी ये आदत ज़रूर है कि जो उसे निवाले खिलाता है, वो उसे ही काट लेता है। लेकिन वफादार नहीं तो क्या हुआ, है तो बेचारा कुत्ता ही। मैं तो कहता हूँ कि उसे ये छूट होनी चाहिए कि वो हफ्ते में पांच बार किसी न किसी नए व्यक्ति को ज़रूर काटे। ऐसे जानवरों का ख्याल रखना हमारा फ़र्ज़ है।”

इस ख़बर के लिखे तक खबर आ रही थी कि पक्कू ने कॉलोनी में फिर से किसी को काट लिया है और अबकी बार उसका शिकार और कोई नहीं खुद NGO वाले खबरीलाल जी हैं। पर खबरीलाल जी ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि पक्कू का इस हादसे से कोई लेना देना नहीं है, उन्हें तो खुद नींद में अपना पैर चबा लेने की आदत है।



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