Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

अपना ही घर बनाने में बिल्डर ने लगा दिए दस साल, पत्नी ने दर्ज कराया केस

09, Sep 2017 By Ritesh Sinha

रायपुर. देश भर के बिल्डर्स अपने प्रोजेक्ट्स में लेट-लतीफी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन शहर के मशहूर बिल्डर जगदेव राठी साब उर्फ़ मि. जग्गा ने तो सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए। वो पिछले दस साल से अपने परिवार के लिए एक आलीशान बंगला रिंग रोड के पास बनवा रहे थे। अपनी आदत से मजबूर मि. जग्गा, खुद अपना घर भी जल्दी नहीं बना पाए। नतीजा यह हुआ कि उनकी पत्नी ने अब उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।

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बिल्डर साब का दस सालों से बन रहा मकान

दरअसल, जब भी उनकी पत्नी शैलबाला, उनसे पूछतीं कि, “हमारा घर कब तक बन जाएगा जी?” तो जग्गा जी कहते कि, “उसे ‘घर’ ना कहो मेरी जान, बंगला है बंगला! आखिर शहर के सबसे बड़े बिल्डर का आशियाना है, तो बड़ा तो होगा ही। बस तीन-चार महीने और, बिल्डिंग तैयार हो गयी है, इंटीरियर का काम चल रहा है!” पिछले दस साल से हर बार यही जवाब मिलता था।

एक दिन शैलबाला के सब्र का बाँध टूट गया, और वो पहुँच गईं अपने नये घर का हालचाल पता करने। वहां जब उन्हें सच्चाई पता चली तो वो उसी पाँव से वापस लौट आईं, और आते ही अपने पति पर बरस पड़ीं, “ओह माय गॉड! दस साल तक तुम मुझसे झूठ बोलते रहे, और मैं तुम्हारा विश्वास करती रही। मुझे यकीन नहीं होता! इंटीरियर बाकी है.. इंटीरियर बाकी है.. कहते थे, वहां तो अभी फाउंडेशन का काम चल रहा है!” -कहती हुई वो माथा पकड़कर सोफे पर बैठ गईं।

“लगता है किसी ने तुम्हारे कान भर दिए हैं! वहां काम तेज़ी से चल रहा है!” मि. जग्गा ने उनके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा। “हटो यहाँ से!” -शैलबाला ने अपना हाथ छुड़ाते हुए कहा, “क्या ख़ाक तेज़ी से चल रहा है! थोड़ी सी गिट्टी है, थोड़ी सी रेत, सरिया तो मुझे नज़र ही नहीं आई। सारे मजदूर वहां बैठकर बीड़ी पी रहे हैं! और तुम कहते हो कि काम तेज़ी से चल रहा है!”

“जब तक तुम लोगों पर केस दर्ज ना हो ना, तब तक तुम्हें बात समझ ही नहीं आती!” -कहकर वो गुस्से से उठीं और पुलिस थाने चली गईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और शैलबाला को भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय होगा।

उधर मि. जग्गा ने अपने बचाव में कहा है कि, “देखिए! हमारे धंधे में ये सब चलता रहता है, तीस साल से इस बिजनेस में हूँ, प्रोजेक्ट में देरी करना मेरे खून में शामिल हो गया है! चाहे वो मेरा खुद का घर ही क्यों ना हो! इतनी छोटी सी बात पर उसे पुलिस के पास जाने की जरूरत नहीं थी! लगता है अब मुझे अपना घर जल्दी बनाना ही पड़ेगा!” -कहते हुए वे अपने मैनेजर को फोन मिलाने लगे।



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