Saturday, 16th December, 2017

चलते चलते

BSF के जवान को इंजीनियरिंग कॉलेज की मेस का खाना चखाया, चखते ही BSF के खाने की तारीफ़ की

10, Jan 2017 By बगुला भगत

ग़ाज़ियाबाद. खाने की क्वालिटी से नाराज़ बीएसएफ़ के जवान तेज बहादुर यादव को आज ग़ाज़ियाबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के मेस का खाना टेस्ट कराया गया। खाने का पहला कौर मुंह में लेते ही तेज बहादुर ने पेट दर्द और जी मिचलाने की शिकायत की। फिर अचानक उसे चक्कर आ गया और वो बेहोश हो गया। उसके साथियों को दस मिनट मेस में साफ़ बर्तन ढूंढने में लग गये। ख़ैर, बर्तन मिल गया और पानी के छींटे मारकर किसी तरह उसे होश में लाया गया।

Mess Food2
हॉस्टल के मेस में खाना खाते दो छात्र

होश में आते ही तेज बहादुर ने अपने किये पर अफ़सोस जताया और अपनी बटालियन के कुक से माफ़ी मांगी। फिर उसने ख़ुद को जल्दी से जल्दी इस हॉस्टल से दूर ले जाने की रिक्वेस्ट की। तुरंत उसे कॉलेज से वापस ड्यूटी पर ले जाया गया। वहां पहुंचते ही उसने अपनी वो ही दाल मांगी, जिसकी शिकायत उसने कल की थी। देखते ही देखते वो अपने कोटरे की सारी दाल चट कर गया। जिस कटोरे का वीडियो उसने फ़ेसबुक पर डाला था, उसी कटोरे को आज उसे बड़े चाव से चाटते हुए देखा गया। उसके साथियों के मुताबिक ये सब हॉस्टल के मेस के खाने का प्रताप है।

रामभरोसे कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (RBCIT) के बीटेक थर्ड ईयर के छात्र संयम शुक्ला ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “कल रात हमने ख़बर सुनी कि कोई जवान खाने की क्वालिटी की वजह से नाराज़ है। तो हमने होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह जी से रिक्वेस्ट की कि सर एक बार उस जवान को हमारे मेस का खाना चखा दो फिर वो कभी भी आर्मी के खाने में कमी नहीं निकालेगा। राजनाथ जी ने हमारी बात मान ली और सुबह एक चार्टर्ड प्लेन से तेज बहादुर को ग़ाज़ियाबाद बुला लिया।”

हॉस्टल के वार्डन हिमांशु तिवारी ने बताया कि “स्टूडेंट्स को तो मेस के खाने की आदत है लेकिन बाहर वालों के पेट को खाने के हिसाब से एडजस्ट होने में थोड़ा टाइम लगता है। इसलिये हमने पहले ही एंबुलेन्स मंगा ली थी ताकि कुछ भी उल्टा-सीधा होने पर जवान को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया जा सके।”

“शुक्र है वो आर्मी का जवान था इसलिये खाने को झेल गया, नहीं तो कुछ भी अनिष्ट हो सकता था।” -तिवारी जी ने आसमान की ओर हाथ उठाते हुए कहा।



ऐसी अन्य ख़बरें