Wednesday, 23rd August, 2017

चलते चलते

'राम-राम' या 'नमस्ते' की जगह अब 'सबका साथ सबका विकास' बोलेंगे बीजेपी नेता

20, Mar 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता अब एक-दूसरे से मिलने पर ‘राम-राम’, ‘नमस्ते’ या ‘गुड मॉर्निंग’ की जगह ‘सबका साथ सबका विकास’ बोलेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी दफ़्तर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि “आज के बाद जब भी आप किसी से मिलें तो कहिये- ‘सबका साथ’, जवाब में सामने वाला कहेगा- ‘सबका विकास’। जैसे मुसलमान भाई कहते हैं- ‘अस्सलाम वालैकुम’ और ‘वालैकुम अस्सलाम’!”

Shah
“दोनों मुट्ठी बांधकर ज़ोर से बोलो- सबका साथ…”

“अगर कोई आपसे पूछे कि आपके कितने बच्चे हैं, तो बोलो- सबका साथ सबका विकास! या कोई पूछे कि आपका बच्चा कौन सी क्लास में पढ़ता है तो बोलो- सबका साथ सबका विकास!” यानि सवाल कोई भी हो, आपका जवाब हमेशा एक ही होना चाहिये। तो एक बार दोनों मुट्ठी बांधकर मेरे साथ ज़ोर से बोलो- सबका साथ सबका विकास!” -इसके बाद इस नारे से नयी दिल्ली का पूरा इलाका गूंज उठा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस आदेश का पालन करने में बीजेपी नेताओं को कोई ख़ास दिक़्क़त नहीं आयेगी क्योंकि दिन में जितनी बार वे ‘सबका साथ सबका विकास’ बोलते हैं, उतनी बार तो अपने बच्चों का नाम भी नहीं लेते।

हालाँकि शाह जी का यह फ़ैसला चौंकाने वाला है क्योंकि लोगों को उम्मीद थी कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पार्टी ‘राम-राम’ को बढ़ावा देगी। सूत्रों का कहना है कि शाह जी ने यह फ़ैसला योगी जी की सलाह पर ही लिया है क्योंकि योगी जी को लगता है कि ‘राम-राम’ कहने से लोगों को राम मंदिर की याद आयेगी और फिर वे अभी से मंदिर बनाने के लिये प्रेशर डालने लगेंगे।



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