Thursday, 14th December, 2017

चलते चलते

'बिना चखना के बिहार के चूहों ने दारू कैसे पी', पूरी दुनिया के शराबियों में उत्सुकता

05, May 2017 By बगुला भगत

पटना. बिहार में थाने के मालखाने में रखी 9 लाख लीटर शराब को चूहे पी गये। जी हाँ! चौंक गये ना! लेकिन इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली ख़बर ये है कि चूहे इतनी सारी शराब को बिना चखने के ही गटक गये। यह सुनकर देश-विदेश के शराबियों की आंखें फटी हुई हैं। लोगों को यक़ीन नहीं हो रहा कि बिना चखने के भी कोई दारू पी सकता है और वो भी इतनी सारी!

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मूषकराज के लिये पैग बनाता एक साथी चूहा

मुंबई के एक जाने-माने शराबी गणपत म्हात्रे ने हैरानी जताते हुए कहा कि “अक्खा लाइफ़ हो गयी अपुन को दारू पीते, लेकिन बिना चखने के साला एक घूँटइच नहीं भरा जाता। और वो साला चूहा लोग करोड़ों बाटली गटक गया, वो भी विदाउट चखना? हो ही नहीं सकता बिरादर!” -कहकर गणपत ने लंबा घूंट भरा और इस ख़बर के झटके से उबरने की कोशिश की।

अब गणपत जैसे लोग इस बात पर कितनी भी हैरानी जतायें लेकिन अगर बिहार पुलिस के आला अफ़सर ऐसा कह रहे हैं तो आपको मानना ही पड़ेगा। पटना के एसएसपी मनु महाराज ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि “जिस थाने के मालखाने में चूहों ने ये सारी शराब पी है, उस थाने के आस-पास की किसी भी दुकान से नमकीन की चोरी नहीं हुई है। सभी दुकानों और खोखों पर पीनट्स वगैरह के सभी पैकेट सुरक्षित हैं। इसका मतलब है कि चूहे सारी शराब को बिना चखने के ही पी गये।”

इस बीच, अमेरिका से वैज्ञानिकों का एक दल जल्द ही पटना पहुंचने वाला है। जो दारू पीने के आरोपी चूहों पर परीक्षण करेगा। इस परीक्षण से यह जानने में मदद मिलेगी कि बिना चखने के शराब कैसे पी जाती है। जांच दल के प्रमुख साइंटिस्ट डॉ. पीटर इंग्लिश ने भारत रवाना होते समय कहा कि “इंसान की आदतों और बीमारियों का पता लगाने में हमें हमेशा चूहों से मदद मिलती रही है। उम्मीद है कि इस बार भी चूहे हमें एक नयी रोशनी दिखाएंगे।”

“अगर बिना चखने के दारू पीने वाला यह फ़ॉर्मूला मिल गया तो यह मानव इतिहास की सबसे बड़ी खोजों में से एक होगी। क्योंकि करोड़ों साल की प्रगति के बावजूद इंसान आज तक चखने का हल नहीं ढूंढ पाया है।” -डॉ. पीटर ने एयरोप्लेन में सवार होते हुए कहा।



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