Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

बैंगलोर के ट्रैफ़िक में फंसे युवक ने नाश्ता, लंच, डिनर सब 'इंदिरा कैन्टीन' में किया

17, Aug 2017 By बगुला भगत

बैंगलोर. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने ग़रीबों के लिये जो ‘इंदिरा अम्मा कैंटीन’ शुरु की हैं, कुछ लोगों ने खुलते ही उनका नाजायज़ फ़ायदा उठाना शुरु कर दिया है। पता चला है कि इन कैन्टीनों में ग़रीब लोगों के बजाय बैंगलोर के ट्रैफ़िक में फंसे लोग खाना खा रहे हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जो अपना नाश्ता, लंच और डिनर इन्हीं कैन्टीन में कर रहे हैं।

Indira Amma Canteen2
कैन्टीन में नाश्ता और लंच करने वाला युवक (लाल घेरे में)

पुलिस ने सिल्क बोर्ड क्रॉसिंग के पास खुली ‘इंदिरा कैन्टीन’ से ऐसे ही एक युवक को हिरासत में लिया है। कैन्टीन के कर्मचारियों ने बताया कि बार-बार घूम-घूमकर वही लोग लंच करने आ रहे हैं, जो सुबह नाश्ता करके गये थे। और कुछ बेशर्म तो ऐसे हैं, जो डिनर करने भी यहीं आ गये।

कैन्टीन के कर्मचारी मनोहर शेट्टी ने हमारे रिपोर्टर को बताया कि “ये लोग कहीं से भी ग़रीब नहीं लग रहे थे। ये शक्ल से ही आईटी कंपनी के कर्मचारी लग रहे थे और कुछ सेल्स वाले लग रहे थे। ये ज़्यादातर टू व्हीलर पे चलते हैं, तो इसलिये इन्हें ट्रैफ़िक में सबसे आगे निकलने की प्रैक्टिस है। यहां भी इन्होंने ग़रीब लोगों का नंबर नहीं आने दिया और सारा खाना ये ही खा गये!”

फ़ेकिंग न्यूज़ ने आरोपी युवक प्रशांत पिंगले से भी बात की। उसने बताया कि “जब यहीं ट्रैफिक में खड़े-खड़े लंच और डिनर का टाइम हो गया तो मैं और क्या करता!” यह कहकर उसने एक पॉज लिया और फिर बाजू चढ़ाते हुए बोला, “और इनके राहुल गांधी ने भी तो नाश्ते के बाद लंच यहीं पे किया था। पुलिस उन्हें क्यों नहीं पकड़ रही?”

उधर, इस घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्रैफ़िक सिग्नलों के आस-पास की सारी कैन्टीनों को हटाने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं किया तो ये जाम में फंसे लोग हमारी इंदिरा अम्मा कैन्टीन योजना को दो दिन में ही फेल कर देंगे।



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