Tuesday, 17th January, 2017
चलते चलते

इरोम शर्मिला ने NH-2 जाम कर गाड़ियों में तोड़फोड़ की, सरकार ने घबराकर सारी मांगें मानीं

21, Sep 2014 By बगुला भगत

इम्फाल. मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने आज वो कर दिया, जिसके बारे में कोई सपने में भी नहीं सोच सकता। इरोम ने आज सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर एनएच-2 जाम कर दिया। उन्होंने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर जमकर पथराव किया। इसके बाद वो प्रदर्शनकारियों के साथ वहीं सड़क पर धरना देकर बैठ गईं।

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“पॉलिटिक्स का घी सीधी उंगली तै नई लिकड़ता बावली!”

घटना की जानकारी मिलते ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह मणिपुर रवाना हो गये और जाकर इरोम शर्मिला को मनाने की कोशिश की। गृह मंत्री ने इरोम को आश्वासन दिया कि, “मैं दिल्ली लौटते ही ‘एएफएसपीए’ हटाने के बारे में पीएम से बात करुंगा।”

उधर, इरोम के इस बदले रूप से भौचक्के हुए टीवी चैनल एक्सपर्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता इस घटना को अपने-अपने हिसाब से देख रहे हैं। कुछ का मानना है कि, “इरोम कुछ ऐसे मुस्लिम संगठनों से प्रभावित हो गई हैं, जो बात-बात पर उग्र प्रदर्शन करते रहते हैं।” इसके उलट, कुछ का मानना है कि “इरोम का यह प्रदर्शन वीएचपी और बजरंग दल मार्का तोड़फोड़ शैली से प्रेरित है।”

इन सारी अटकलबाज़ियों के बीच, मणिपुर के एडीजी संतोष परमधन ने फ़ेकिंग न्यूज़ के सामने खुलासा किया है कि आरएलडी के नेता युद्धवीर ‘बलवाकर’ ने कल शाम इरोम को फ़ोन करके उकसाया कि, “तुम 14 साल से नाक में नली डलवाये घूम रही हो, क्या मिला?” फिर उन्होंने उपहास उड़ाते हुए कहा, “हम तुम्हारी तरह नाक में नली नहीं डलवाते, उल्टे हम तो दूसरों की नाक में उंगली कर देते हैं। समझी बावली!”

श्री ‘बलवाकर’ ने इरोम को अपनी मिसाल देते हुए कहा कि, “रिजर्वेशन लेना हो, बंगला कब्जाना हो, खाप का हुक्म मनवाना हो या किसी डीएम-वीएम को हटवाना हो, इसके लिए हमें बस रेलवे ट्रैक पर बैठना होता है या आठ-दस बसें फूंकनी होती हैं। बस! सरकार तुरंत नाक रगड़ते हुए चली आती है।”

“इतना सुनते ही इरोम ने नली हटाई, रॉड उठाई और सड़क की ओर कूच कर दिया”, यह कहते हुए श्री परमधन ने अपनी बात समाप्त की और इरोम से अगले दौर की वार्ता करने के लिए रवाना हो गये।



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