Sunday, 19th February, 2017
चलते चलते

ब्रिटेन के ईयू से बाहर होते ही बिहार के सुरसुरी गांव में जश्न का माहौल

24, Jun 2016 By बगुला भगत

अररिया. ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से बाहर होने पर बिहार के एक गांव में लोग पटाखे फोड़कर खुशियां मना रहे हैं। गांववाले किंग जॉर्ज पंचम के फ़ोटो को उसी तरह गुड़ खिला रहे हैं, जैसे हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने डोनाल्ड ट्रंप को केक खिलाया था

King George1
किंग जॉर्ज का गाउन पकड़कर खड़े रामभरोसे के पड़दादा सुत्तन

नेपाल बॉर्डर पर बसे अररिया ज़िले के गांव सुरसुरी में लोग सब काम-धाम छोड़कर ब्रेग्जिट पर नज़रें लगाये हुए थे। गांव में बिजली नहीं है इसलिये लोग सारी रात रेडियो पर कान लगाकर बीबीसी स्टेशन सुनते रहे।

जैसे ही एलान हुआ कि ब्रिटेन के लोगों ने यूरोपियन यूनियन से अलग होेने के पक्ष में मतदान किया है, सुरसुरी के सारे लोग चौबारे पर इकट्ठे होकर नाचने-गाने लगे। आसमान में ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, किंग जॉर्ज तेरा नाम रहेगा’ और ‘किंग जॉर्ज अमर रहें’ के नारे गूंजने लगे।

चौबारे के पास चारपाई पर बैठे बुज़ुर्ग रामभरोसे ने बताया कि “आज़ादी से पहले की बात है। जब किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मेरी सन् 1911 में हिंदुस्तान आये थे तो उनके सम्मान में दिल्ली दरबार लगा था। तब किंग जॉर्ज ने बिल्कुल वैसा ही गाउन पहना था, जैसा सोनम कपूर ने कान में पहना था।”

“उस गाउन को पकड़कर खड़े होने का सौभाग्य हमारे दादा सुत्तन को मिला था। किंग जॉर्ज जिधर भी जाते, हमारे दादा सुत्तन भी पीछे-पीछे उधर जाते। इस वजह से किंग साब को हमारे दादा से बहोत लगाव हो गया और अपनी जूती उठाने का काम भी उन्होंने दादा जी को दे दिया।” -रामभरोसे ने यादों की जुगाली करते हुए कहा।

“दिल्ली दरबार के बाद जब किंग जॉर्ज शिकार खेलने बिहार के रास्ते नेपाल गये थे, तो तब वो हमारे गांव भी आये थे और दादा सुत्तन को अपने साथ ले गये थे, सामान पकड़ने के लिये!” -उन्होंने गर्वीली मुस्कान के साथ बताया।

“जब प्रिंस विलियम को बेटा हुआ था, तब भी हमारे गांव में बहोत जश्न मना था। सारे गांव में बताशे बंटे थे। पता है प्रिंस ने अपने बेटे का नाम भी जॉर्ज रखा है। हमें उम्मीद है कि जब छोटे प्रिंस बड़े हो जायेंगे तो हमारे गांव में एक बार ज़रूर आयेंगे। -कहकर रामभरोसे छड़ी के सहारे उठे और गांववालों के साथ नाचने लगे।



ऐसी अन्य ख़बरें