Sunday, 25th June, 2017
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सिर्फ कुत्ता पालने वाले होते हैं पशु प्रेमी: सर्वे में हुआ खुलासा

11, Mar 2016 By Ritesh Sinha

दिल्ली: कुछ दिन पहले तमिलनाडु के ऐतिहासिक “जल्लीकट्टू” उत्सव पर केंद्र सरकार ने कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी थी। लेकिन कुछ पशु प्रेमियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसी बीच एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि सिर्फ कुत्ता पालने वाले लोग ही पशु प्रेमी होते हैं। सर्वे करने वाली संस्था “आल इंडिया कुत्ता संरक्षण परिषद्” के चेयरमेन श्वान कुमार ने हमारे रिपोर्टर को बताया, “हम यह पता लगाना चाहते थे, कि कौन पशु प्रेमी हैं और कौन नहीं? सबसे पहले हमने उन लोगों से बात की जो गाय, बैल, भैंस, बकरी या तोता पालन करते हैं। हमने वहां देखा कि उनको चारा, भूसा और ऐसी ही बहुत सारी गन्दी चीजें खिलाई जाती हैं, जो कि जानवरों के साथ अन्याय है। वे जानवरों पर बहुत अत्याचार करते हैं। फिर हमने कुछ ऐसे लोगों से बात की जो श्री कुत्ता जी का पालन करते है। उनका श्री कुत्ता जी से प्रेम देखकर हमारे आँखों में आंसू आ गए। आखिर में हम इस नतीजे पर पहुंचे कि सिर्फ कुत्ता पालने वाले लोग ही पशु प्रेमी होते हैं।

कुकुर समुदाय अपना फ़ैसला सुनाते हुए
कुकुर समुदाय अपना फ़ैसला सुनाते हुए

जब हमारे रिपोर्टर ने श्वान कुमार जी से कुत्ते के बारे में और जानना चाहा, तो कुत्ते के लिए “पार्लियामेंटरी” शब्द का इस्तेमाल न करने के कारण, हमारे रिपोर्टर को पशु प्रेमियों ने कुत्ते की तरह पीटा।

इस खबर का उत्साही पशु प्रेमियों ने स्वागत किया है। ऐसे ही एक एनिमल बॉय ने हमारे रिपोर्टर को बताया कि, “मैं आज सुबह अपने फ्रेंड के साथ जॉगिंग के लिए गया था। वहां से आकर जब मैंने अखबार में इस सर्वे के बारे में सुना, तो मेरा सीना चौड़ा हो गया। ये खबर मैंने अपने फ्रेंड को भी बताया वो भी बेहद खुश था। फिर हम दोनों ने एक साथ नाश्ता किया और मैं ऑफिस चला गया।”

जब हमारे रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि आपका फ्रेंड यहाँ नज़र नहीं आ रहा है तो, उसने फिर हमारे रिपोर्टर को कुत्ते की तरह पीटा। और अपने फ्रेंड को हमारे रिपोर्टर के पीछे छोंड दिया।

तब से हमारे रिपोर्टर लापता हो गए थे। लेकिन अभी अभी ये सुचना आई है कि उन्हें, उस घर से 25 किमी दूर “बरामद” कर लिया गया है। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल में जमा कराया गया। जहाँ डॉक्टरों ने कहा कि इन्हें “रेबीज” का इंजेक्शन लगाने की जरूरत नहीं है। इससे सिद्ध होता है कि हमारे रिपोर्टर उस एनिमल बॉय के फ्रेंड से तेज भाग सकते हैं।



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