Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

अगर अमित शाह जैसी ताकत हमारे साथ होती तो हम गाँधी-नेहरू में भी फ़ूट डलवा देते - Lord Mountbatten

10, Aug 2017 By Vish

स्वर्ग. भारत के आखरी वाईसराॅय लाॅर्ड माउंटबैटन ने कहा है कि अगर अमित शाह जैसी बड़ी ताकत अंग्रेज़ी हुकुमत के साथ होती तो वो भी गाँधी नेहरु में फ़ूट डलवा कर राज कर रहे होते। फ़ेकिंग न्यूज़ ने स्वर्ग नर्क में बसे स्वर्गीय नरकीय लाॅर्ड लुईस माउंबैटन से एक एक्सक्लुसिव इंटरव्यू के लिये सीधा संपर्क साधा जहां उन्होंने हमसे बातचीत की। माउंटबैटन ने फ़ेकिंग न्यूज़ को उनका इंटरव्यू लेने के लिये धन्यवाद दिया और कहा कि वो भारत को काफ़ी मिस करते हैं। फ़िर वो स्वर्ग नरक में अपने नये अनुभवों के बारे में हमें बताने लगे और ये भी बताया कि भारत की राजनीति को वो आजकल बड़ी बारीकी से फ़ाॅलो कर रहे हैं। फ़िर बात करते करते अचानक वो फ़ूट फ़ूट कर रोने लग गये।

अमित शाह को ढूँढते लॉर्ड
अमित शाह को ढूँढते लॉर्ड

“क्या हो गया लाॅर्ड जी रोने क्यूँ लग गये”? “अपनी फ़ूटी किसमत पे रो रहा हुँ भाई। काश अमित शाह उस ज़माने में होते और हमारी टीम से खेल रहे होते! कसम से कह रहा हूँ हमने गाँधी और नेहरू में भी फ़ूट डलवा दिया होता और आज भारत पे हमारी नई पीढ़ियां राज कर रही होती। ये ‘Divide and Rule’ का concept तो हम भारत में लेकर आये थे पर ये भाईसाहब तो इसे आये दिन नई नई बुलंदियों पर लेकर जा रहे हैं। बहुत गर्व होता है आज इन्हें देखकर।”, लाॅर्ड ने दम भरते हुए कहा।

“We were a government who thought सिर्फ़ हिंदु और मुस्लिम को ही आपस में लड़वाना काफ़ी होगा। साला हिंदुओं ने एक होकर हिंदुस्तान ले लिया, मुस्लिम्स को पाकिस्तान मिल गया और हमें बाबाजी का घण्टा थमा दिया। पर भाई का टैलेंट तो अलग ही लेवल का है। ये तो गाय तक के पीछे लोगों को लड़वाने का माद्दा रखते हैं। हमें तो कभी ऐसा आईडिया आया ही नहीं।”

“सोचो अगर शाह जी हमारे साथ होते तो हमारी जनता भी हमारी भक्ति में लीन होती। जनता के बीच हम भी ये भ्रम पैदा कर देते ना कि ब्रिटिश सरकार ही उनकी saviour है तो आज़ादी का खयाल उनके दिमाग में आता ही नहीं और अगर कोई थोड़े बहुत भगत सिंह जैसे लोग बगावत की आवाज़ उठाते भी तो उन्हें हमारे भक्त ही शांत करा देते। हमें कुछ करने की ज़रुरत ही नहीं पड़ती।”, माउंटबैटन ने अपने पर के पंख नोचते हुए कहा।

“शाह जी उमर में तो मुझसे छोटे हैं पर उनका नाम बिना इज़्ज़त से लिया नहीं जाता। मैंने तो उन्हें अपना गुरू मान लिया है। उनके सौ साल लेट पैदा होने के कारण कितना सुनहरा अवसर हमारे हाथ से निकल गया।” माउंटबैटन ने सामने की दीवार पर ज़ोर से मुक्का मारते हुए कहा और चले गये भगवान से पूछने कि उन्होंने पहले क्यूँ नहीं अमित शाह को धरती पर भेजा।



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