Monday, 27th February, 2017
चलते चलते

बातूनी स्त्री ने पड़ोसन की बुराई करते हुए पांच मिनट तक नहीं गटकी एक भी सांस, तोड़े विश्व कीर्तिमान

30, Jul 2015 By Pagla Ghoda

चेन्नई: श्रीमती सुक्रिथि वरदराजन चेरुपल्ली देवनहल्ली नटराजन ने सबसे लम्बे समय तक लगातार बोलते रहने की श्रेणी में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। गत शनिवार अपनी माँ से अपनी पड़ोसन की भरपेट बुराई करते हुए उन्होंने करीब 5 मिनट और 20 सेकंड तक एक भी सांस नहीं ली, और नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। पिछला रिकॉर्ड एक चीनी मोंक भोर्ज़ वेस्पोस के नाम था जिन्होंने करीब 4 मिनट तक बिना सांस लिए लगातार मंत्रजाप कर यह रिकॉर्ड बनाया था। इस तरह श्रीमती सुक्रिथि ने ये रिकॉर्ड करीब 1 मिनट 20 सेकंड के फासले से तोडा है जो की अपने आप में एक बड़ी अचीवमेंट मानी जा रही है।

श्रीमती सुक्रिथि वरदराजन, वरिष्ठ महिला पत्रकार श्रीमती मंजोलिका दत्त श्रीमती बलविंदर कौर,  श्रीमती शोनाली मुखोपाध्याय (बायें से दायें की तरफ)
श्रीमती सुक्रिथि वरदराजन, वरिष्ठ महिला पत्रकार श्रीमती दत्त, श्रीमती बलविंदर कौर, श्रीमती शोनाली मुखोपाध्याय (बायें से दायें की तरफ)

दुसरे नंबर पर रही पंजाब के श्रीमती बलविंदर कौर ने 5 मिनट और 13 सेकंड, और तीसरे  नंबर पर रही पश्चिम बंगाल की श्रीमती शोनाली मुखोपाध्याय ने 5 मिनट और 9 सेकंड तक सांस न लेकर श्रीमती सुक्रिथि को बेहद ही कड़ी टक्कर दी।

नई दिल्ली में एक भव्य अवार्ड्स फंक्शन के दौरान तीनों उच्चतम प्रतियोगियों को एक-एक शाल एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान चीफ-गेस्ट रही वरिष्ठ महिला पत्रकार श्रीमती मंजोलिका दत्त ने विजेताओं को बधाई देते हुए, समाज में महिलाओं की ऊपर उठती आवाज़ की सराहना की।

उनके शब्दों में – “आज के युग में नारी किसी पुरुष से कम नहीं है अपितु दो कदम आगे ही है। हम पत्रकार जब भी ट्विटर पर कुछ इधर का उधर लिख देते हैं तो हमें सच का एहसास कराने वालों में महिलाएं ही आगे रहती हैं। पुरुष तो केवल गाली गलौच कर देते हैं, पर महिला ट्विटर-यूज़र्स गाली के साथ फैक्ट्स भी लिखती हैं। मुझे गर्व है हर उस महिला पर जिसकी आवाज़ आज के शोरगुल के माहोल में सुनी जा रही है।” – श्रीमती दत्त ने प्रतीकात्मक (सिंबॉलिक) अंदाज़ में कहा।

समारोह की दौरान जब नंबर-वन विजेता सुक्रिथि जी से जब कुछ शब्द बोलने के लिए कहा गया तो उनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल पाया और उन्होंने हंसकर बोलने से मन कर दिया। समारोह के बाद में उन्होंने दबे शब्दों में  स्वीकार किया के जब भी वह अपनी पड़ोसन या किसी सहेली की बुराई करती हैं, तभी उनके मुंह से शब्द द्रुतगति से, कॉन्फिडेंस से निकलते हैं, अन्यथा वह दरअसल काफी शर्मीले मिज़ाज़ की हैं।

इन विजेताओं की बोलने की शक्ति से प्रभावित, शहद बेचने से लेके गले की खराश वाली दवाइयाँ बनाने वाली कई कंपनियों ने अब इन विजेताओं को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाने का फैसला लिया है। इन विजेताओं ने इस सिलसिले में कई विज्ञापन कॉन्ट्रैक्ट भी साइन कर लिए हैं। हालाँकि ये अभी साफ़ नहीं है के ऐसे और कीर्तिमान भविष्य में स्थापित किये जायेंगे के नहीं परन्तु ये तो तय है के इन विजेताओं को सुपर-स्टार बनने में अब देर नहीं लगेगी।



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