Saturday, 25th March, 2017
चलते चलते

शास्त्रीय संगीत सुनने गया युवक कोमा में पहुंचा, होश में लाने के लिये हनी सिंह के गाने सुना रहे हैं घरवाले

14, Aug 2016 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. पंजाबी बाग़ में रहने वाला साहिल सिंह कुछ दिन पहले अपने दोस्त के बहकावे में आकर शास्त्रीय संगीत सुनने चला गया। वहां पहुंचकर उसने देखा कि गायक लगातार आ..आ..अ.आ. किए जा रहा है, उस से आगे बढ़ने का नाम नहीं ले रहा। एक घंटे बाद भी जब वो गायक आ..आ.अ.आ. से एक इंच आगे नहीं बढ़ा तो साहिल अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और चक्कर खाकर गिर पड़ा। उसके दोस्त और बाक़ी लोगों ने उसे उठाकर तुरंत अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने बताया कि इसे काफ़ी गहरा सदमा लगा है, जिसकी वजह से ये कोमा में चला गया है।

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हथियारों के साथ उस्ताद जी और उनका ख़तरनाक गैंग

हादसे की जानकारी देते हुए साहिल के दोस्त अनुज ने रोते हुए बताया कि “ये सब मेरी वजह से हुआ है। मैं ही उसे क्लासिकल म्यूजिक सुनाने ले गया था। उसने कहा भी था कि उसे ये सब पसंद नहीं है लेकिन मैं नहीं माना! उस्ताद जी ने सिर्फ एक घंटे ही आ..आ..अ.आ. किया था कि वो मुझसे कहने लगा- ये कब तक ऐसे ही करता रहेगा। ये जो उसकी बगल में तलबा और हारमोनियम वाले बैठे हैं, इन्हें क्या घुमाने लाया है? उन्हें भी तो कुछ बजाने दे… वो ये कह ही रहा था कि तभी उस्ताद जी ने एक ज़ोर का आलाप ले लिया और ये चक्कर खाकर गिर पड़ा”

उधर, हॉस्पिटल में डॉक्टर और साहिल के घरवाले उसे होश में लाने के लिए सबकुछ कर रहे हैं। साहिल का भाई अपना म्यूजिक सिस्टम घर से उखाड़कर हॉस्पिटल ले आया है। उसने वो साहिल के बेड के बराबर में फिट कर दिया है और बेस बढ़ाकर उस पर हनी सिंह के गाने बजा रहा है क्योंकि साहिल को बेस पसंद है। दो दिन बाद आज साहिल को उंगली हिलाते हुए देखा गया है। उसकी उंगली में हरकत होते देख उसके भाई ने डीजे भी मंगवा लिया है। डॉक्टर उम्मीद जता रहे हैं कि बेस के सहारे साहिल जल्दी ही चलने-फिरने लगेगा।

इस घटना के बाद पंजाबी बाग़ के लोग प्रधानमंत्री मोदी से मांग कर रहे हैं कि वो अपने ‘मन की बात’ में शास्त्रीय संगीत के बढ़ते ख़तरे पर भी कुछ कहें। गायक अपने सुर को कितना लंबा खींच सकते हैं, सरकार उसकी एक लिमिट तय कर दे। जो भी गायक उस लिमिट से ज़्यादा आं…आं…करे, उसे कमरे में बंद करके चार घंटे तक हनी सिंह के गाने सुनाये जायें- फुल बेस पे!



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