Tuesday, 17th January, 2017
चलते चलते

ओलंपिक्स में 'हैंडपंप थ्रो' नामक नया खेल हुआ शामिल, अगली फ्लाइट से रियो पहुंचेंगे सनी देओल

07, Aug 2016 By Pagla Ghoda

मुंबई. इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के दफ्तर में उस समय मिठाइयां बंट गयीं, जब ये खबर आयी कि ओलंपिक्स में ‘हैंडपंप थ्रो’ नाम का नया खेल शामिल कर लिया गया है। इसके तुरंत बाद ही ये भी खबर आयी कि सनी देओल भारत की और से इस खेल में शामिल होने के लिए एयरपोर्ट की और निकल चुके हैं और अगली फ्लाइट से रियो पहुंचंगे। एयरपोर्ट के वेटिंग लाउन्ज में सनी पाजी बादाम वाली लस्सी के साथ आलू के परांठे दबा रहे थे (सेवन कर रहे थे)| तभी हमने उनसे इस बारे में बातें की। पेश हैं उस वार्तालाप के कुछ अंश:

SUNNY-DEOL
हैंडपप थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने की सौगंध खाते सनी

पगला घोडा: नमस्ते सनी पाजी!

सनी (धीमी लेकिन डरा देने वाली आवाज़ में): अगर तू कोई पत्रकार है, तो अभी यहाँ से चला जा, नहीं तो कल तेरे ये हाथ कुछ भी लिखने लायक नहीं रहेंगे!

पगला घोडा: (कांपते हुए)– जी वो मैं, फेकिंग न्यूज़ से हूँ! हम खट्टी मीठी खबरें छापते हैं…

सनी: हाँ सुना है तुम लोगों के बारे में! तुम्हारी वेबसाइट पे केजरीवाल के आर्टिकल पढता हूँ कभी कभी … अच्छा लगता है।

पगला घोडा: जी शुक्रिया! “हैंडपंप थ्रो” वाले गेम के बारे में आपसे कुछ सवाल करने थे।

सनी: अरे तू खड़ा क्यों हैं बैठ बैठ! लस्सी पीयेगा?

पगला घोडा: नहीं पाजी पेट थोड़ा ख़राब है, मैं थोड़ी चाय ले लूंगा।

सनी: ओये कुलविंदर, ऐत्थे आ ओये! चा ला मुंडे लई, नाल मैरी दे बिस्कट! (सनी पाजी के एक इशारे पर एयरपोर्ट कॉफ़ी शॉप वाला लड़का भागा आया)

पगला घोडा: पाजी ये “हैंडपंप थ्रो” नाम का जो खेल है, उसमे आप भी देश की तरफ से पार्टिसिपेट…

सनी: खेल नहीं है वो, पैशन है मेरा! मैं जो भी काम करता हूँ न, फुल पैशन से करता हूँ। ग़दर मैं मैंने जब मैडम जी को बचाने के लिए हैंडपंप उखाड़ा था न, तो पूरा पकिस्तान हिल गया था। इस बार जब हैंडपंप उखाडूंगा तो पूरी दुनिया को हिला दूंगा!

पगला घोडा: पाजी लेकिन कई सौ किलो के हैंडपंप को उखाड़ना एक अलग बात है, और उसे कई फ़ीट दूर फेंकना? इस खेल में तो फेंकना भी पड़ेगा न!

सनी: ओये खोतेया, तूने बॉर्डर नहीं देखी? कई टन वज़न का बारूद से भरा राकेट बिना लांचर के उठाकर पाकिस्तानियों पे फेंक दिया था, उसके सामने ये हैंडपंप का चीज़ है!

पगला घोडा: और उसके बाद जैकी दादा ने आपको कई हज़ार फ़ीट ऊपर से थम्ब्स अप किया था और आपने देख के नीचे से रिप्लाई भी किया था।

सनी: हाँ…और यमला पगला दीवाना में तो मैंने पूरा का पूरा होटल का फ्लोर ही अपने कंधे पे उठा लिया था। वो सीन नहीं देखा तूने?

पगला घोडा: देखा था पाजी।

सनी: और डर में मैंने शाहरुख़ की ऐसी धुलाई की थी, के जो उसने तब हकलाना शुरू किया, आज तक बंद नहीं हुआ उसका।

पगला घोडा: वो भी पता है पाजी।

सनी (अपना बाज़ू दिखाते हुए): ये ढाई किलो का हाथ जब हैंडपंप उखाड़ता है न, तो हैंडपंप ही नहीं नीचे का पूरा बोरवैल ही उखड जाता है।

पगला घोडा: जी पाजी! (सनी पाजी गुस्से में आ गए थे और मैं काफी डर गया था, सौभाग्यवश इसी बीच चाय आ गयी)

सनी (कूल डाउन होते हुए): कैसे बेकार के सवाल पूछते हो तुम लोग! चाय पी।

पगला घोडा: थैंक यू! सनी पाजी आपका जो ये हाथ है वो अभी भी ढाई किलो का ही है? कुछ ऊपर नीचे नहीं हुआ?

सनी: “सिंह साहब दी ग्रेट” के टाइम पे नापा था मैंने, पूरे दो किलो पांच सौ ग्राम का था। So nothing has changed buddy!

पगला घोडा: लेकिन पाजी, आपका नाम तो पहले ओलिंपिक के लिए अनाउंस नहीं हुआ था। तो जैसे आप ऐसे बीच में जा रहे हो, ऐसे अलाऊ कर देते हैं…मतलब बीच में?

सनी: तुझे कोई प्रॉब्लम है?

पगला घोडा: नहीं नहीं…पाजी! मेरा मतलब था कि कुछ लीगल…?

सनी: कौन रोकेगा मुझे? कोई वकील, कोई जज? अगर मुझे अपने आस पास कोई काला कोट नज़र भी आ गया न, तो वहीं मारूँगा! जज ‘आर्डर आर्डर’ चिल्लाता रहेगा और वहीं पिटता रहेगा। जब कात्या और बलवंत राय मुझे नहीं रोक सके तो और किसकी मजाल! और मेरे बाउजी को नहीं जनता तू? उनके सामने कोई टिक सका है भला!

पगला घोडा: जी मैं उठता हूँ .. मेरा मतलब चलता हूँ। इंटरव्यू के लिए धन्यवाद।

सनी: फेकिंग न्यूज़ से है, इसलिये बच गया तू, अगर किसी और का रिपोर्टर होता ना, तो यहाँ से उठता नहीं … उठ जाता!

पगला घोडा: जी पाजी! (पाजी के पैर छूने के लिए झुकते हुए)

सनी: ओये बस कर, जिऊंदा रह! और फोटो ज़रा अच्छी छापना मेरी, नहीं तो तुम लोगों के ऑफिस का एड्रेस मालूम है मुझे।

पगला घोडा: जो आज्ञा पाजी! मेरा मतलब जैसा आप कहो पाजी!



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