Wednesday, 20th September, 2017

चलते चलते

हिंदी फ़िल्मों में काम करने के लिए हिंदी पढ़ना और बोलना होगा अनिवार्य, बॉलीवुड में हाहाकार

19, Aug 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/मुंबई. एक के बाद एक राष्ट्रवादी फ़ैसले लेती जा रही एनडीए सरकार ने एक और बड़ा राष्ट्रवादी फ़ैसला ले लिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने एलान किया है कि हिंदी फ़िल्मों में काम करने के लिये अब हिंदी पढ़ना और बोलना अनिवार्य होगा।

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“निकालो इन सब फ़िरंगियों को यहाँ से!”

यह एलान करते समय ईरानी जी काफ़ी ग़ुस्से में नज़र आ रही थीं। उन्होंने मुंबई की दिशा में उंगली से इशारा करते हुए कहा कि “मैं सब जानती हूँ कि वहाँ बॉलीवुड में क्या हो रहा है! वे लोग खाते हिंदी का हैं और गाते अंग्रेज़ी का हैं। और इनकी अभिनेत्रियों के तो कहने ही क्या! ये तो कभी हिंदी के चैनल पे भी हिंदी नहीं बोलतीं। लेकिन ये सब अब और नहीं चलेगा!”

श्रीमति ईरानी ने अपनी योजना की जानकारी देते हुए आगे कहा कि “बॉलीवुड के इन सारे अंग्रेज़ो का हर छह महीने में हिंदी का एक टेस्ट लिया जायेगा। जो भी उस टेस्ट में फेल हो जायेगा, उसके बॉलीवुड में काम करने पर रोक लगा दी जायेगी। ये जो कैटरीना, एमी, जैकलीन-वैकलीन और फ़ाख़री-वाख़री हिंदी की एक लाइन समझे बिना यहां मज़े मार रही हैं, उन्हें जहाज़ में बिठा के वापस भेज दिया जायेगा।”

“और अब तो उन टीवी सीरियल वालों ने भी हिंदी बोलना छोड़ दिया है। हमारे टाइम में लोग हिंदी में लिखे डायलॉग आराम से पढ़ लेते थे। पर अब तो सुना है कि वे भी पूरे अंग्रेज़ हो गये हैं।” -यह कहकर मंत्री जी कैबिनेट बैठक में भाग लेने के लिये चली गयीं। हालांकि, अभी यह पता नहीं चल पाया है कि जो आदेश उन्होंने जारी किया है, वो हिंदी में या अंग्रेज़ी में!

उधर, जैसे ही यह ख़बर बॉलीवुड में पहुंची, वहाँ हाहाकार मच गया। नुमाइश के लिये अपनी हर फ़िल्म में फ़िरंगी एक्ट्रेस लेने वाले एक प्रोड्यूसर ने पसीना पोंछते हुए कहा कि “अगर पब्लिक गोरी चमड़ी की हीरोइन देखना चाहती है तो इसमें हम क्या करें! ये हमारी वाली, एक बाल्टी क्रीम लगाने के बाद भी उनके जैसी नहीं ‘हॉट’ नहीं लग पातीं!”



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