Saturday, 18th November, 2017

चलते चलते

पत्नी का मनपसंद चैनल बंद करना माना जायेगा 'जघन्य अपराध', सुप्रीम कोर्ट का एतिहासिक फैसला

03, Apr 2017 By Gumraah

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कल फूलवंती देवी बनाम सुरेस चौबे केस में नारी सशक्तिकरण पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। फूलवंती देवी के वकील जगदीश्वर मिसरा ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर फूलवंती के पति सुरेस चौबे पर उसके मूलभूत अधिकारों के हनन का केस दायर किया था। फूलवंती देवी ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसने ‘कलह’ नामक थोक पारिवारिक धारावाहिकों के चैनल को टीवी पर लॉक कर दिया था।

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फूलवंती जी का पसंदीदा सीरियल

वो जब भी अपने पति से चैनल उपलब्ध ना होने के बारे में पूछती थी तो वो केबल में तकनीकी गड़बड़ी का बहाना बना कर टाल जाता था। पूरे एक महीने तक ‘कलह’ ना देख पाने की घोर पीड़ा झेलने के बाद जब फूलवंती का पेट दर्द ख़तरे के निशान से ऊपर पहुँच गया, तो उसने अपने पति को नया केबल कनेक्शन लेने का आदेश दे दिया। फूलवंती के इस दांव से बुरे फंसे पति ने आखिर सच उगल ही दिया। उसने बताया कि उसी ने ‘कलह’ चैनल को लॉक कर दिया था। यह सुनते ही फूलवंती आग-बबूला हो गयी और उसने बिना समय गंवाए पति को तड़ातड़ जूतों और गालियों का नाश्ता करवाया और अपने पड़ोस में रहने वाले वकील जगदीश्वर मिसरा से सलाह करके पति पर ‘मूलभूत अधिकारों’ के हनन का केस ठोक डाला!

सुप्रीम कोर्ट में हुई जिरह में फूलवंती के पति ने अपने पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि ‘कलह’ चैनल लॉक करने से उसे बहुत सारे फायदे हुऐ। जैसे घर में 24 घंटे की जगह सिर्फ 10-12 घंटे ही कलह होने लगी। मेकअप के सामान और साड़ियों की मांग कम हो गयी। समय पर चाय-नाश्ता मिलने लगा। सास-ससुर की सेवा होने लगी और जहाँ 3 सालों से वो एक बच्चे के लिए तरस रहे थे, वहां फूलवंती की ओर से खुशखबरी भी आ गयी।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुरेस चौबे के इन तर्कों को पूरी तरह से ख़ारिज करते हुऐ फूलवंती देवी के पक्ष में फैसला सुना दिया और इस पूरे मामले को ‘जघन्यतम’ श्रेणी का मानते हुए सुरेस चौबे को 14 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई। फ़ैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि ‘कलह’ चैनल ना देख पाने की जो पीड़ा फूलवंती ने भुगती है, वही पीड़ा सुरेस चौबे अब कारावास में भुगते। स्त्रियों के प्रति ऐसी हिंसक मानसिकता वाले पुरुषों को समाज में खुला नही छोड़ा जा सकता।



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