Friday, 18th August, 2017

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सलमान के जन्मदिन पर फ़ैन्स का हंगामा, भाई को भी डॉक्टरेट की उपाधि देने की मांग की

27, Dec 2016 By बगुला भगत

हैदराबाद. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान ख़ान के प्रशंसकों ने आज हैदराबाद में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। ये लोग शाहरुख़ ख़ान की तरह सलमान को भी डॉक्टरेट की उपाधि दिये जाने की मांग कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी ने उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार के लिये शाहरुख़ को कल ऑनरेरी डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की थी। इसी वजह से सलमान के प्रशंसक बेहद ग़ुस्से में हैं।

भाई के फ़ैन्स के मुताबिक शाहरुख़ तो यहां जोकर लग रहा है
भाई के फ़ैन्स के मुताबिक शाहरुख़ इसमें आइटम लग रहा है

सलमान के फ़ोटो के साथ यूनिवर्सिटी के गेट पर प्रदर्शन कर रहे रिजाज़ुद्दीन नाम के एक प्रशंसक ने अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि “क्या मियाँ!  हैप्पी बड्डे आज भाई का है और ये यूनीवस्टी वाले अवॉर्ड दे रहे हैं उस हकले को! अगर गिफ़्ट में भाई को ये अवॉर्ड दे देते तो मस्त बड्डे हो जाता ना भाई!”

सल्लू भाई के फ़ैन्स इस बात से ज़्यादा ग़ुस्से में हैं कि यह यूनिवर्सिटी इससे पहले आमिर ख़ान को भी डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित कर चुकी है। इस तरह तीनों ख़ानों में से सिर्फ़ सलमान बचे हैं, जिन्हें यह सम्मान हासिल नहीं हुआ है। भाई के प्रशंसक इसे उनके अपमान के रूप में देख रहे हैं। दिल्ली में सलमान के एक डाई-हार्ड फ़ैन प्रिंस निराला, जिन्होंने भाई की तरह हाथ में ‘एक्स्ट्रा-लूज’ ब्रेसलेट पहन रखा था, ने शर्ट के कॉलर खड़े करते हुए कहा- “अपना भाई उन दोनों से किस बात में कम हैं। उस शाहरुख़ को उर्दू के लिये डिग्री दे दी। कितना उर्दू बोलता है वो? बोलो मेरे को! हम तो जब भी देखते हैं वो अंग्रेज़ी में ही गिटर-पिटर करत रहता है। भाई ने तो उर्दू के चक्कर में आज तक शादी भी नहीं की।”

“भाई अकेले उन दोनों से ज़्यादा कमाते हैं, भाई की पिच्चर उन दोनों की पिच्चरों से ज़्यादा बिज़नेस करती हैं। भाई की पॉपुलैरिटी जंगल से लेकर शहर तक सब जगह है। भाई सिर्फ़ गाड़ी और हथियार ही नहीं चलता, भाई एनजीओ भी चलाता है। और वे दोनों तो लंगोट के भी कच्चे हैं, जबकि अपना भाई अब तक प्योर वर्जिन है।” -प्रिंस ने ब्रेसलेट घुमाते हुए कहा।

अंतिम समाचार लिखे जाने तक यूनिवर्सिटी की मैनेजिंग काउंसिल की आपात बैठक चल रही थी, जिसमें इस बात पर फ़ैसला किया जाने वाला है कि सलमान को भी डॉक्टरेट दी जाये या नहीं। एक ज़रूरी कॉल अटैंड करने के लिये बैठक के बीच से उठकर आये एक काउंसिल मेंबर ने कहा कि “ऐसे कैसे दे दें! कांग्रेस का टिकट है क्या! दो-तीन साल का गैप तो होना चाहिये कम से कम! और उर्दू छोड़ो, उसे तो कोई भी लैंग्वेज ढंग से नहीं आती।”



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