Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

'सास-बहू' के सीरियल देखने वाली महिला से ग़लती से लग गया डिस्कवरी चैनल, दो मिनट में कोमा में पहुँची

17, Jan 2018 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. सास-बहुओं वाले सीरियल देख-देखकर हमारी आधी पब्लिक की दिमाग़ी हालत ऐसी हो गयी है कि अब वो ज़रा सा भी समझदारी वाला शो या फ़िल्म देखने लायक़ नहीं बची है। पीतमपुरा में रहने वाली दमयंती मिसराइन (लाला रामरतन की मिसेज) के साथ परसों इसी वजह से एक बहुत बड़ा हादसा हो गया।

Saas-Bahu-Serial
सास-बहू से सीधे डिस्कवरी पे!

हुआ यूँ कि मिसराइन रोज़ की तरह काम-धाम निपटा कर अपना अपने फेवरेट सीरियल देखने बैठी थीं। वो टीवी पे ज़्यादातर सीरियल या साउथ की डब फ़िल्में ही देखती हैं और उनके टीवी देखने का टाइम होता है- दोपहर में, जब लालाजी दुकान पे चले जाते हैं और बच्चे स्कूल! और चूंकि शाम को बच्चे नहीं देखने देते, इसलिये वो दोपहर को उन सीरियलों का रिपीट देखती हैं।

तो मिसराइन रिमोट उठा के अपना सीरियल वाला चैनल ढूँढने लगीं। ढूँढते-ढूँढते बीच में ‘डिस्कवरी चैनल’ पे पहुँच कर पता नहीं कैसे रिमोट ने काम करना बंद कर दिया। मिसराइन ने ख़ूब कोशिश की लेकिन चैनल आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने रिमोट को पटक-पटक के भी देख लिया लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ। इस बीच, उन्हें डिस्कवरी पे आठ-दस मिनट का प्रोग्राम दिख चुका था और वो कोमा में जा चुकी थीं।

तुरत-फुरत उन्हें फ़ोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ वो फिलहाल कोमा में हैं और लाखों का बिल बैठ चुका है। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि “पेशेंट एक ही सिचुएशन में बच सकती थीं। या तो ये टीवी के सामने से हट जातीं या टीवी बंद हो जाता। लेकिन दुर्भाग्य से दोनों में से कुछ भी नहीं हुआ।”

“इन सीरियलों की वजह से अब लोगों को ऐसा एक भी जोक समझ में नहीं आता, जिसके बाद नकली हँसी ना सुनाई दे, और ना ही उन्हें ऐसी फ़िल्म समझ में आती है, जिसमें लाउड इमोशनल बैकग्राउंड म्यूज़िक ना बज रहा हो।” -यह कहकर डॉक्टर साब इंजेक्शन भरने लगे।

उधर, गोयल साब अब एक ऐसा इंतज़ाम करवा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा ना हो। वो अपने टीवी से सीरियलों और हिंदी के फ़िल्मी चैनलों के अलावा बाक़ी सारे चैनल हटवा रहे हैं। ना रहेगा बाँस और ना बजेगी बाँसुरी!



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