Tuesday, 27th June, 2017
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'बुल्ला' नाम बना नये पैरेंट्स की पहली पसंद, 'दुर्योधन' को पीछे छोड़ा

28, Dec 2016 By bapuji

नयी दिल्ली. दुनिया का हर गृहस्थ आदमी जानता है कि बच्चों का नाम रखना किसी आफ़त से कम नहीं है। बच्चे के पैदा होने के बाद के बीस दिन तक माँ-बाप और लगभग पूरा खानदान इसी ‘नामी-गिरामी’ टेंशन में रहता है। आख़िरी नाम चुने जाने और उस पर पूरे परिवार की सहमति बनने तक बच्चे का नाम ‘बाबू’, ‘छोटू’ या बेबी ही रहता है। हर माँ चाहती है कि उसके बच्चे का नाम आजकल के लेटेस्ट फैशन के हिसाब से हो। पाठकों को जानकार हैरानी होगी कि इस समय सबसे ट्रेंडी बेबी-नेम है- ‘बुल्लाआआ!’

bulla
“मेरा नाम है बुल्ला, रखता हूं मैं खुल्ला!”

फ़ेकिंग न्यूज़ के संवाददाता रामप्रवेश ने इस नये और चौंकाने वाले ट्रेंड के बारे में शहर के नामी बेबीनेम एक्सपर्ट डॉक्टर नामदेव से बात की और इस ट्रेंड का कारण जानना चाहा। डॉक्टर साहेब ने बताया कि “देखिए, ऐसा है कि जब तक देश में सिनेमा है, लोग ‘प्रभावित’ होते रहेंगे। सैफ और करीना के बेबी का नाम तैमूर रखने के साथ ही ‘बैड ब्वॉयज’ वाले नाम फिर से चलन मे आ गये हैं।”

“कल ही हमारे हॉस्पिटल मे सात भल्लालदेव, पाँच कालिकेय, आठ दुर्योधन और तीन दुशासन पैदा हुए हैं और अभी आधे घंटे पहले एक बच्ची पैदा हुई, जिसका नाम शूर्पणखा रखा गया है। लेकिन जो नाम सबसे अधिक चलन में है, वो है बुल्लाआआआ……!” यह कहने के बाद डॉक्टर साहेब का मुँह काफ़ी देर तक खुल्ला रहा।

जब हमारे संवाददाता ने ऐसे ही एक पिता मिस्टर खुल्लर से बात की तो वे इस नाम से काफ़ी खुश नज़र आए। “‘बुल्ला’ नाम मे ही वजन है। ‘मेरा नाम है बुल्ला…रखता हूँ खुल्ला’ बोलते ही कहीं भी इसकी धाक जमायी जा सकती है।” गर्व से सीना चौड़ा करते हुए खुल्लर साहेब ने कहा। वहीं, बुल्ला की माँ ने कहा कि “वो पहले मैने सोचा था कि संस्कृत वाला कुछ नाम रखूँगी ऋषि टाइप्स, मॉम को जापानी नाम चाहिए था ‘समारा’ टाइप्स और डैड को तिब्बती नाम पसंद आ रहा था लेकिन जैसे ही उन सबने ‘बुल्ला’ सुना, तो सब के सब राज़ी हो गये और उसी टाइम फाइनल कर दिया। सो क्यूट ना!”



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